ये बिचौलिए हैं स्टार्टअप नहीं: इनमें बड़ी कंपनी बनने की कुव्वत नहीं है, ये फ्लिपकार्ट के बंसल की तरह निकल लेंगे, इनका देश की तरक्की से कोई लेना देना नहीं..
जयपुर। ये मामला सांगानेर स्थित मंगलम आनंदा के कमर्शियल प्लाजा का है, जहां मंगलम ग्रुप ने दर्जनों दुकानें बनाई थी, जिन्हें मंगलम आनंदा के निवासियों ने ही खरीदा, लेकिन जब दुकानें खाली रही, तो बिल्डर ने अपने पांच—सात परिचितों की दुकानों को एक साथ मिलाकर एक हॉल बना जेप्टो Zepto को किराए पर चढ़ा दिया। जेप्टो ने भी अनन—फानन में ये आउटलेट शुरू कर दिया है, लेकिन अब नगर निगम, जयपुर ने फायर एनओसी का नोटिस जेप्टो को थमा दिया है, यानी ये बिना फायर एनओसी के स्टोर चला रहे थे। इतना ही नहीं शहर की शान जेएलएन मार्ग, जो कि एक नॉन वेंडिंग जोन है, वहां भी जेप्टो ने अपना आउटलेट चला रखा है, जहां रोजगार देने के नाम पर सैंकड़ों बाइकें नॉन वेंडिंग जोन में खड़ी रहती हैं।
फंडिंग चीन से, अतिक्रमण और नियमों की अनदेखी भारत में….
देशभर में तेजी से विस्तार कर रहे इस तरह के स्टार्टअप्स को आप देश की तरक्की का पैमाना न समझें… ये मुनाफा काट निकल भी लेते हैं, क्योंकि इनकी नीवं ही नियमों की अनदेखी कर रखी जाती है और सरकार भी इन्हें सपोर्ट करती है, जबकि फंडिंग पूरी चीन की है।
आप भी बने शिकायतकर्ता
अगर आपके आसपास भी जेप्टो, बिलिंक्ट, इंस्टामार्ट आदि ने अतिक्रमण, स्टाफ द्यारा बदजुबानी, शोर शराबे की गंद मचा रखी है, तो आप भी संबंधित विभाग में इनकी शिकायत करें, नकि स्टार्टअप से इन्हें यूनिकॉर्न बनने के सपने में साथ दें। ये कोई देश की तरक्की में योगदान नहीं कर रहे हैं, बल्कि रोजगार देने के नाम पर खुद की जेबे गरम कर अपने सपने को बेचकर निकल लेते हैं।
Zepto जेप्टो के पास फायर एनओसी ही नहीं…
मंगलम आनंदा प्लाजा स्थित जेप्टो के मामले में शिकायतकर्ता टीना सुराणा ने आरोप लगाया कि इस आउटलेट में बड़ी मात्रा में सामान का भंडारण और नियमित आवाजाही होती है, लेकिन फायर एनओसी तथा आवश्यक अग्निशमन उपकरणों की उपलब्धता पर संदेह है। शिकायत पर नगर निगम जयपुर के अग्निशमन अधिकारी ने नोटिस जारी किया।
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