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Gautam Adani visited the Mahudi Jain temple in Gujarat with his family ahead of the Paryushan festival.

गौतम अदाणी ने पर्यूषण महापर्व से पहले परिवार के साथ गुजरात के महुडी जैन मंदिर में किए दर्शन

अहमदाबाद। अदाणी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अदाणी ने बुधवार को गुजरात के गांधीनगर जिले में स्थित प्रसिद्ध महूडी जैन मंदिर में दर्शन किए। इस दौरान उनके साथ पत्नी प्रीति अदाणी, बड़ा बेटा करण अदाणी और पुत्र-बधू परिधि अदाणी भी थी।

अदाणी परिवार ने मंदिर में दर्शन ऐसे समय पर किए हैं, जब जैन समुदाय के 8 सितंबर से शुरू होने वाले पर्युषण महापर्व की तैयारियां जोरों पर हैं।

गौतम अदाणी का यह दौरा, यूएस डिपार्टमेंट ऑफ जस्टिस (डीओजे) की उन कानूनी कार्यवाही के कुछ दिनों बाद हो रहा है जिसमें वे, उनके भतीजे और अदाणी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड (एजीईएल) के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर सागर अदाणी और अन्य लोग शामिल थे। यह मामला 10 अगस्त को हमेशा के लिए खारिज कर दिया गया था।

गौतम अदाणी के लिए इस यात्रा का ‘सेवा’ यानी निस्वार्थ सेवा से गहरा व्यक्तिगत जुड़ाव है। यही मूल्य समाज के प्रति उनके योगदान को दिशा देता रहा है।

उनकी सोच “सेवा ही साधना है”, यानी निस्वार्थ सेवा ही पूजा का सर्वोच्च रूप है, जो समुदायों की सेवा करने और लोगों के जीवन को बेहतर बनाने वाले अवसर पैदा करने के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

ऐतिहासिक रूप से मधुपुरी के नाम से जाना जाने वाला महुडी, श्वेतांबर जैन धर्म का एक प्रमुख तीर्थ स्थल है। इस तीर्थ में सभी 24 जैन तीर्थंकरों के मंदिर हैं, साथ ही श्री घंटाकर्ण महावीर का अलग मंदिर भी है, जिन्हें जैन धर्म के रक्षकों और संरक्षकों में से एक माना जाता है। तीर्थंकरों के विपरीत, घंटाकर्ण महावीर की पूजा एक रक्षक देवता के रूप में की जाती है और भक्त मुश्किल समय में शक्ति पाने और बाधाओं को दूर करने के लिए उनकी शरण में जाते हैं।

पर्यूषण महापर्व 8 से 15 सितंबर, 2026 तक मनाया जाएगा और यह श्वेतांबर जैन परंपरा के सबसे महत्वपूर्ण त्योहारों में से एक है। प्रार्थना, उपवास, आत्म-अनुशासन और आत्म-चिंतन के इस समय का समापन 15 सितंबर को ‘संवत्सरी’ यानी क्षमा-याचना के त्योहार के साथ होता है। इस दिन जैन अनुयायी सभी जीवों से क्षमा मांगते हैं और दूसरों को क्षमा करते हैं, साथ ही अपने कार्यों पर विचार करते हुए पुरानी शिकायतों को भुला देते हैं।

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