मंगलवार, जनवरी 20 2026 | 09:24:13 AM
Breaking News
Home / बाजार / फोनपे ने श्रीलंका में यूपीआई पेमेंट को बढ़ावा देने के लिए लंकापे के साथ साझेदारी की
PhonePe partners with LankaPay to boost UPI payments in Sri Lanka

फोनपे ने श्रीलंका में यूपीआई पेमेंट को बढ़ावा देने के लिए लंकापे के साथ साझेदारी की

नयी दिल्ली : फोनपे ने कोलंबो में आयोजित एक भव्य समारोह में लंकापे के सहयोग से श्रीलंका में सभी लंका क्यूआर मर्चेंट पॉइंट पर यूपीआई पेमेंट प्राप्त करने की सुविधा शुरू करने की घोषणा की है। इस कार्यक्रम में भारत के हाई कमिश्नर संतोष झा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए, जिन्होंने भारत और श्रीलंका के संबंधों और अधिक मजबूत बनाने में फिनटेक कनेक्टिविटी की अहम भूमिका पर प्रकाश डाला। सभा को संबोधित करते हुए, सेंट्रल बैंक ऑफ़ श्रीलंका के गवर्नर डॉ. नंदलाल वीरसिंघे ने कहा कि इस सहयोग से श्रीलंका के मर्चेंट के लिए नए अवसर खुलेंगे और उनके बिजनेस को बढ़ाने में मदद मिलेगा।

पैनल चर्चा के बाद, फोनपे के इंटरनेशनल पेमेंट के सीईओ रितेश पई ने बताया कि यूपीआई का इस्तेमाल दुनियाभर के बाज़ारों में कैसे किया जा सकता है और इससे मर्चेंट को किस तरह फायदा हो सकता है। कार्यक्रम में श्रीलंका के वित्तीय क्षेत्र के कई मुख्य स्टेकहोल्डर भी आए, जिनमें बैंकिंग क्षेत्र, पेमेंट सिस्टम प्रोवाइडर के वरिष्ठ प्रतिनिधि और पर्यटन क्षेत्र और व्यापार संघों के प्रतिनिधि शामिल थे। यह गठबंधन लंकापे की एनपीसीआई इंटरनेशनल पेमेंट लिमिटेड (एनआईपीएल) के साथ साझेदारी के माध्यम से संभव हुआ है।

कार्यक्रम के दौरान, फोनपे ने घोषणा की कि उसके ऐप यूज़र अब श्रीलंका की यात्रा करते समय पूरे देश में लंकापे क्यूआर वाले मर्चेंट को यूपीआई का उपयोग करके पेमेंट कर सकते हैं। यूज़र कैश ले जाने या करंसी कन्वर्शन को कैलकुलेट किए बिना, सुरक्षित और तुरंत पेमेंट करने के लिए लंका क्यूआर कोड स्कैन कर सकते हैं। उनके अकाउंट से भारतीय रुपये (आईएनआर) में राशि डेबिट की जाएगी, जिसमें करंसी एक्सचेंज रेट दिखाया जाएगा। इन ट्रांज़ैक्शन की सुविधा यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस (यूपीआई) और लंकापे नेशनल पेमेंट नेटवर्क के ज़रिए दी गई है।

Check Also

Punjab & Haryana High Court cancels bail order granted to judge's relative

Punjab & Haryana High Court ने रद्द किया जज के रिश्तेदार को दिया गया जमानत आदेश

New Delhi. Punjab & Haryana High Court (P&H HC) ने उस फैसले को रद्द कर …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *