बालोतरा : जलदाय विभाग (PHED) की बिलिंग व्यवस्था पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। उपभोक्ताओं के अनुसार लंबे समय तक घरों तक पानी के बिल नहीं पहुंचते और जब बिल आता है तो उसमें पुराने बकाया के साथ हजारों रुपये की राशि जोड़ दी जाती है।
सामने आए बिलों में ₹9,473, ₹12,301 और ₹14,524 तक की बकाया राशि दिखाई दे रही है। विभाग की ओर से बिल समय पर नहीं पहुंचने की स्थिति में उपभोक्ता को यह पता ही नहीं चलता कि उसके नाम कितना बकाया चल रहा है। बाद में अचानक भारी-भरकम बिल थमा दिया जाता है और उसके साथ विलंब शुल्क/ब्याज का बोझ भी जुड़ जाता है।
बताया जा रहा है कि कुछ मामलों में कई वर्षों बाद बिल जारी हुआ, ऐसे में सवाल यह है कि यदि विभाग नियमित रूप से बिल जारी करता और उपभोक्ताओं तक पहुंचाता तो क्या इतनी बड़ी बकाया राशि एक साथ खड़ी होती…?
जलदाय विभाग से सीधा सवाल :
जब हर महीने पानी की सप्लाई और मीटर व्यवस्था विभाग के जिम्मे है, तो बिल समय पर उपभोक्ता के घर तक पहुंचाने की जिम्मेदारी किसकी है..?
विभाग की लापरवाही का खामियाजा उपभोक्ता क्यों भुगते और ऊपर से ब्याज/जुर्माना भी क्यों भरे…?
बिलिंग सिस्टम सुधारिए साहब, जनता को अचानक हजारों के बिल देकर अपनी जिम्मेदारी से मत बचिए। पानी का बिल समय पर देना विभाग की जिम्मेदारी है, वर्षों बाद भारी बिल थमाना व्यवस्था की नाकामी का सवाल है।
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