बालोतरा। रीको इंडस्ट्रीज एरिया (RIICO) तृतीय चरण स्थित एक निजी कपड़ा फैक्ट्री में हुए दर्दनाक हादसे के बाद शनिवार को शहर में तनावपूर्ण स्थिति बन गई। हादसे में एक श्रमिक की मौत से आक्रोशित परिजनों और स्थानीय लोगों ने राजकीय नाहटा अस्पताल की मोर्चरी के बाहर शव रखकर सड़क पर जाम लगा दिया। बड़ी संख्या में लोग अस्पताल के बाहर एकत्र हो गए और फैक्ट्री प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी।
फैक्ट्री प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप
प्रत्यक्षदर्शियों और परिजनों के अनुसार, हादसा फैक्ट्री में सुरक्षा मानकों (Safety Norms) की अनदेखी के कारण हुआ। श्रमिक की मौत की खबर मिलते ही शहर में सनसनी फैल गई और देखते ही देखते राजकीय नाहटा अस्पताल के बाहर सैकड़ों की संख्या में लोग जमा हो गए। आक्रोशित भीड़ ने मोर्चरी के बाहर शव को एम्बुलेंस से उतारकर सड़क पर रख दिया और दोनों तरफ से रास्ता पूरी तरह जाम कर दिया।
मुआवजे और सख्त कार्रवाई की मांग पर अड़े परिजन
प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग मृतक के परिवार को उचित मुआवजा दिलाने और लापरवाही बरतने वाले फैक्ट्री मालिक व प्रबंधन के खिलाफ सख्त आपराधिक मामला दर्ज करने की है। परिजनों ने साफ कर दिया है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होंगी, वे शव का पोस्टमार्टम नहीं होने देंगे और न ही शव उठाएंगे। जाम के कारण अस्पताल रोड और आसपास के इलाके में वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, जिससे आम जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
प्रशासन और पुलिस के फूले हाथ-पांव
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस और प्रशासन के आला अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने आक्रोशित भीड़ को समझाने और जाम खुलवाने का प्रयास किया, लेकिन प्रदर्शनकारी फैक्ट्री प्रबंधन के किसी वरिष्ठ जिम्मेदार को बुलाने की मांग पर अड़े रहे। समाचार लिखे जाने तक जाम जारी था और प्रशासन व परिजनों के बीच वार्ता का दौर चल रहा था।
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