बुधवार, अक्तूबर 14 2026 | 02:34:38 AM
Breaking News
Home / रीजनल / बैंक ऑफ़ इंडिया द्वारा किया गया अखिल भारतीय राजभाषा संगोष्ठी का आयोजन

बैंक ऑफ़ इंडिया द्वारा किया गया अखिल भारतीय राजभाषा संगोष्ठी का आयोजन

बैंक ऑफ़ इंडिया प्रधान कार्यालय राजभाषा विभाग द्वारा दिनांक 7 फरवरी 2026 को अखिल भारतीय राजभाषा संगोष्ठी का आयोजन बैंक के सर्वोच्च प्रबंधन तथा विभिन्न वित्तीय संस्थानों के राजभाषा प्रतिनिधियों की उपस्थिति में किया गया। उक्त आयोजन को बैंक में राजभाषा हिंदी के प्रभावी कार्यान्वयन, प्रचार–प्रसार एवं रचनात्मक लेखन को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से किया गया।    

संगोष्ठी में बैंक के कार्यपालक निदेशक पी आर राजगोपाल, राजीव मिश्रा, प्रमोद कुमार द्विवेदी, मुख्य सतर्कता अधिकारी विष्णु कुमार गुप्ता उपस्थित रहें। कार्यक्रम में सुप्रसिद्ध अभिनेता एवं लेखक अखिलेंद्र मिश्रा विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहें। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के तौर पर क्षेत्रीय कार्यान्वयन कार्यालय (पश्चिम), गृह मंत्रालय, भारत सरकार के उप निदेशक हरीश सिंह चौहान और मुंबई विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग के अध्यक्ष प्रो. करुणाशंकर उपाध्याय ने अपने विचार रखें। कार्यक्रम का शुभारंभ द्वीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया। महाप्रबंधक विश्वजित मिश्र ने स्वागत संबोधन दिया एवं मुख्य महाप्रबंधक अभिजीत बोस ने अतिथियों का स्वागत किया।  

अपने संबोधन में कार्यपालक निदेशक राजीव मिश्रा ने कहा कि राजभाषा हिंदी न केवल प्रशासनिक कार्यों की भाषा है, बल्कि यह भाव, विचार और संस्कृति की सशक्त अभिव्यक्ति का माध्यम भी है। उन्होंने बैंक में किए जा रहे हिंदी के सृजनात्मक और तकनीकी प्रयोगों के बारे में विस्तार से बताया। 

इस अवसर पर विश्व हिंदी दिवस, 2026 के उपलक्ष्य में आयोजित अंतर बैंक हिंदी निबंध लेखन प्रतियोगिता के श्रेष्ठ निबंधों के संकलन की पुस्तिका “भारतीय अर्थव्यवस्था एवं आधुनिक बैंकिंग: डेटा, भाषा और जेन ज़ी” का विमोचन किया गया। साथ ही, बैंक की त्रैमासिक गृह हिंदी पत्रिका “बीओआई वार्ता” के दिसंबर 2025 अंक का भी विमोचन किया गया। इस अवसर पर अनुदेश पुस्तिका (जमा राशि) के हिंदी संस्कारण का विमोचन किया गया। अखिल भारतीय हिंदी निबंध प्रतियोगिता के विजेताओं को प्रमाण–पत्र व पुरस्कार राशि प्रदान कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर राजभाषा प्रभारी मऊ मैत्रा, सहायक महाप्रबंधक (राजभाषा) ने राजभाषा कार्यान्वयन पर विशेष प्रस्तुति दी और राजभाषा क्षेत्र में बैंक की उपलब्धियों पर प्रकाश डाला।

संगोष्ठी के चर्चा सत्र में हिंदी भाषा और भाषा विज्ञान विषय पर हरीश सिंह चौहान और हिंदी की मानक वैज्ञानिक पद्धति विषय पर प्रो. करुणाशंकर उपाध्याय ने विस्तृत व्याख्यान दिया, जिनका उपस्थित सभी प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक लाभ उठाया।

विशिष्ट अतिथि अखिलेंद्र मिश्रा ने अपने प्रेरक संबोधन में भाषा, साहित्य और जीवन के आपसी संबंधों पर प्रकाश डालते हुए हिंदी भाषा की सहजता, संप्रेषण शक्ति और सांस्कृतिक महत्ता को रेखांकित किया। साथ ही, भाषा के माध्यम से जीवन जीने की कला से अवगत कराया।

यह आयोजन बैंक ऑफ इंडिया की राजभाषा नीति को सुदृढ़ करने तथा हिंदी के व्यापक प्रयोग की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध हुआ। कार्यक्रम में कार्यपालक निदेशक पीआर राजगोपाल, राजीव मिश्रा, प्रमोद कुमार द्विवेदी, मुख्य सतर्कता अधिकारी विष्णु गुप्ता और मुख्य महाप्रबंधक, महाप्रबंधक एवं विभिन्न वित्तीय संस्थाओं के अधिकारी तथा बैंक के राजभाषा विभाग के समस्त स्टाफ सदस्य उपस्थित रहें। उक्त कार्यक्रम का संचालन अमरीश कुमार, मुख्य प्रबंधक (राजभाषा) द्वारा किया गया। समारोह के अंत में कप्तान अखिलेश कुमार, उप महाप्रबंधक के धन्यवाद ज्ञापन के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।

Check Also

Anant Ambani's 'Champions of Care' campaign will reach 2 million animals every year.

अनंत अंबानी की ‘चैंपियंस ऑफ केयर’ मुहिम, हर साल 20 लाख जानवरों तक पहुंचेगी मदद

देशभर के 50 से ज्यादा पशु कल्याण संगठन ‘चैंपियंस ऑफ केयर’ से जुड़े, इलाज, रेस्क्यू, शेल्टर, …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *