शनिवार, अगस्त 29 2026 | 11:51:30 AM
Breaking News
Home / रीजनल / ओडिशा: कक्षा 1 से 8 तक की किताबों में गड़बड़ी की जांच क्राइम ब्रांच ने संभाली, केस दर्ज
Odisha: Crime Branch takes over investigation into irregularities in Class 1 to 8 textbooks, registers case

ओडिशा: कक्षा 1 से 8 तक की किताबों में गड़बड़ी की जांच क्राइम ब्रांच ने संभाली, केस दर्ज

भुवनेश्वर। ओडिशा पुलिस की क्राइम ब्रांच ने राज्य में कक्षा 1 से 8 तक की स्कूली पाठ्यपुस्तकों की तैयारी, मंजूरी और प्रकाशन में हुई अनियमितताओं की जांच आधिकारिक रूप से अपने हाथ में ले ली है। इस मामले में सोमवार को केस दर्ज किया गया।

एक आधिकारिक बयान के अनुसार, क्राइम ब्रांच के अधिकारियों ने बताया कि शिक्षक शिक्षा एवं राज्य शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) की निदेशक मधुस्मिता साहू की ओर से दर्ज कराई गई लिखित शिकायत के आधार पर क्राइम ब्रांच ने केस नंबर 08/2026 दर्ज किया है।

मामला भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धाराओं 316(5), 201, 3(5) और 61(2) के तहत दर्ज किया गया है।

क्राइम ब्रांच ने बताया कि मामले की जांच सीआईडी क्राइम ब्रांच के डीएसपी नरेंद्र कुमार बेहरा कर रहे हैं। जांच की निगरानी एसपी, सीआईडी क्राइम ब्रांच के नेतृत्व में की जा रही है। कक्षा 1 से 8 तक की किताबों की तैयारी, मंजूरी, प्रक्रिया और प्रकाशन से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जांच के लिए कई टीमें बनाई गई हैं।

गौरतलब है कि कक्षा 1 से 8 तक की स्कूली किताबों में मिली गलतियों को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने 11 जुलाई को महत्वपूर्ण फैसला लिया था। उन्होंने किताबों की तैयारी, मंजूरी और प्रकाशन की पूरी प्रक्रिया की आपराधिक जांच कराने के निर्देश दिए थे।

मुख्यमंत्री ने राज्य शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद के निदेशक को मामले की स्वतंत्र जांच के लिए क्राइम ब्रांच के पुलिस अधीक्षक के पास एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश भी दिए थे।

इससे पहले मुख्यमंत्री ने किताबों में हुई गलतियों के कारणों का पता लगाने के लिए विकास आयुक्त की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया था।

समिति की रिपोर्ट के आधार पर राज्य शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद के पूर्व निदेशक और तीन सहायक निदेशकों को निलंबित कर दिया गया था, जबकि छह अन्य सहायक निदेशकों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के आदेश दिए गए थे।

बता दें कि नई प्रकाशित स्कूली किताबों में सैकड़ों गलतियां सामने आई थीं, जिसके बाद राज्य सरकार को भारी आलोचना का सामना करना पड़ा था। विपक्ष ने सरकार पर सवाल उठाये थे तो वहीं, सरकार ने भी एक्शन लिया था और मामले की जांच के आदेश दिए गए थे।

Check Also

विज्ञापन में भ्रूण का रंग नीला प्रदर्शित करने का मामला

विज्ञापन में भ्रूण का रंग नीला प्रदर्शित करने का मामला, 9 क्लिनिक सेंटर्स के पंजीकरण निलंबित

लिंग चयन तथा लिंग आधारित एआरटी गतिविधियों के उल्लघंन पर कार्रवाई, नीलकंठ फर्टिलिटी एंड वूमेन …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *