गुरुवार, अक्तूबर 15 2026 | 02:56:30 PM
Breaking News
Home / राजकाज / केंद्र सजावटी मछली पालन के विस्‍तार के लिए “मिशन रंगीन मछली 2031” करेगी शुरू
Centre to launch “Mission Rangini Machli 2031” to expand ornamental fish farming

केंद्र सजावटी मछली पालन के विस्‍तार के लिए “मिशन रंगीन मछली 2031” करेगी शुरू

नई दिल्ली. केंद्र सरकार सजावटी मछली पालन के विस्‍तार के लिए रणनीतिक कार्ययोजना “मिशन रंगीन मछली 2031” सोमवार को जारी करेगी। यह सजावटी मत्स्य पालन की संपूर्ण मूल्य श्रृंखला में वैज्ञानिक प्रबंधन, जैव-सुरक्षा, गुणवत्ता आश्वासन और नियामक अनुपालन के लिए एक समान रूपरेखा प्रदान करेगी। यह जानकारी सोमवार को मत्स्यपालन-पशुपालन और डेयरी मंत्रालय की ओर से रविवार को दी गई।

मंत्रालय ने बताया कि लक्षद्वीप में एक एक आउटरीच कार्यक्रम के तहत उपराष्ट्रपति सी.पी.राधाकृष्णन 31 अगस्त, 2026 को सजावटी मत्स्य पालन के विकास के लिए रणनीतिक कार्ययोजना “मिशन रंगीन मछली 2031” जारी करेंगे।

मंत्रालय की ओर से जारी बयान में कहा गया कि सरकार मत्स्य पालन क्षेत्र में एकीकृत और मूल्य श्रृंखला-आधारित विकास को बढ़ावा देने के लिए क्लस्टर-आधारित दृष्टिकोण अपना रही है। इसी रणनीति के अनुरूप, लक्षद्वीप को समुद्री शैवाल की खेती, प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन और बाजार संपर्क को बढ़ावा देने के लिए एक समर्पित समुद्री शैवाल क्लस्टर के रूप में अधिसूचित किया गया है।

लक्षद्वीप के द्वीप समुद्री सजावटी मत्स्य संसाधनों से भी समृद्ध हैं, जो समुद्री इकोसिस्‍टम के संरक्षण के साथ-साथ सतत पालन, निर्यात और आजीविका सृजन की महत्वपूर्ण संभावनाएं प्रदान करते हैं।

मंत्रालय ने बताया कि यह कार्ययोजन मानक संचालन प्रक्रियाएं (एसओपी) ब्रूडस्टॉक प्रबंधन, प्रजनन, हैचरी संचालन, उत्पादन प्रणालियों, क्वारंटीन, स्वास्थ्य प्रबंधन, ट्रेसेबिलिटी, एक्वेरियम संचालन, हैंडलिंग, परिवहन और व्यापार से संबंधित प्रक्रियाओं को मानकीकृत करेंगी। इससे पूरे देश में कार्यप्रणालियों में एकरूपता सुनिश्चित होगी और सर्वोत्तम कार्य प्रणालियों को अपनाने को बढ़ावा मिलेगा।

भारत लगभग 11,099 किलोमीटर लंबी तटरेखा और करीब 24 लाख वर्ग किलोमीटर के अनन्य आर्थिक क्षेत्र (ईईजैड) से समृद्ध विशाल एवं विविध समुद्री संसाधन आधार वाला देश है। भारत के ईईजैड में समुद्री मत्स्य संसाधनों की संभावित क्षमता लगभग 58.6 लाख मीट्रिक टन आंकी गई है, जो करीब 50 लाख मछुआरों की आजीविका का आधार है और खाद्य सुरक्षा, पोषण, रोजगार, आय सृजन तथा निर्यात आय में महत्वपूर्ण योगदान देती है।

भारत वर्तमान में विश्व के प्रमुख मत्स्य पालन और जलीय कृषि उत्पादक देशों में शामिल है और वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान लगभग 73,890 करोड़ रुपए मूल्य के समुद्री खाद्य पदार्थों का निर्यात किया गया।

मंत्रालय के मुताबिक, अधिकांश मछली पकड़ने की गतिविधियां तट से 40–50 समुद्री मील के दायरे में केन्‍द्रित हैं, जबकि अधिक गहरे समुद्री क्षेत्रों और राष्ट्रीय अधिकार क्षेत्र से बाहर के क्षेत्रों में उच्च-मूल्य वाली प्रजातियों, विशेष रूप से टूना और टूना जैसी प्रजातियों, के दोहन की पर्याप्त संभावनाएं मौजूद हैं।

Check Also

‘Pure Food – War on Adulteration’ Campaign – Intensive inspection campaign started in canteens and food establishments operating in and around hospitals across the state

‘शुद्ध आहार–मिलावट पर वार’ अभियान- प्रदेश भर के अस्पतालों के अंदर और आसपास संचालित कैंटीन एवं खाद्य प्रतिष्ठानों में सघन जांच अभियान शुरू

पहले दिन 100 से अधिक अस्पतालों और आसपास के 172 से अधिक खाद्य प्रतिष्ठानों का …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *