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Despite the Supreme Court's strictures, "Jigar" machines remain in villages! Why are illegal units not curbed?

सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के बावजूद गांवों में ‘जिगर’ मशीनें! अवैध इकाइयों पर अंकुश क्यों नहीं?

बालोतरा। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों और प्रदूषण नियंत्रण को लेकर सख्ती के बावजूद बालोतरा के आसपास गांवों व खेतों में जिगर मशीनों से टेक्सटाइल प्रोसेसिंग किए जाने को लेकर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय स्तर पर आरोप हैं कि गांवों में ग्रे फैब्रिक पहुंच रहा है और डाइंग व प्रोसेसिंग के बाद तैयार माल वापस भेजा जा रहा है। सवाल यह है कि क्या इस पूरे माल की आवाजाही वैध दस्तावेजों और अधिकृत इकाइयों के माध्यम से ही हो रही है?

 

RSPCB की कार्रवाई को लेकर भी चर्चा है कि कार्रवाई मुख्यतः दस्तावेजों वाली वैध इकाइयों तक सीमित दिखाई दे रही है, जबकि अवैध इकाइयों पर प्रभावी अंकुश क्यों नहीं लग पा रहा, यह बड़ा सवाल है। पुलिस और प्रशासन की निगरानी के बावजूद यदि गांवों में ऐसी गतिविधियां जारी हैं तो माल की सप्लाई चेन, दस्तावेजों और इकाइयों की वैधता की जांच जरूरी है। सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के बाद भी अगर अवैध गतिविधियां जारी हैं, तो जिम्मेदारी किसकी है? अब प्रशासन को इसका जवाब देना होगा।

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