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रिफाइनरी क्षेत्र में विकास के दावों के बीच कारोबार ठंडा, दुकानें खाली और होटल ग्राहकविहीन

होटल-रेस्टोरेंट से लेकर जमीन कारोबार तक मंदी

बालोतरा/पचपदरा। पचपदरा रिफाइनरी क्षेत्र में निर्माण कार्य से जुड़ी कंपनियों और हजारों मजदूरों के लौटने के बाद स्थानीय अर्थव्यवस्था पर इसका असर दिखाई देने लगा है। रिफाइनरी परियोजना के आसपास जिन बाजारों और कारोबारों को निर्माण गतिविधियों के दौरान तेजी मिली थी, वहां अब मंदी का माहौल नजर आ रहा है। कई दुकानें खाली हो रही हैं, जबकि किराये में भी भारी गिरावट की बात सामने आ रही है।

रिफाइनरी क्षेत्र में निर्माण कार्य के दौरान बड़ी संख्या में मजदूरों, कर्मचारियों और कंपनियों से जुड़े लोगों की आवाजाही रही। इसके चलते आसपास के इलाकों में किराना, होटल, रेस्टोरेंट, चाय-नाश्ते की दुकानें, कपड़े, हार्डवेयर और अन्य छोटे-बड़े कारोबार तेजी से बढ़े थे। कई लोगों ने बढ़ती मांग को देखते हुए दुकानें और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठान किराये पर लिए थे। अब काम कम होने और बड़ी संख्या में लोगों के लौटने के बाद इन कारोबारों में ग्राहकी घटने लगी है।

दुकानों पर ‘TO-LET’ के बोर्ड

स्थानीय बाजारों में कई दुकानों और व्यावसायिक परिसरों पर ‘TO-LET’ के बोर्ड नजर आ रहे हैं। कारोबारियों के मुताबिक पहले जिन दुकानों को किराये पर लेने के लिए प्रतिस्पर्धा रहती थी, वहां अब किरायेदार मिलना मुश्किल हो रहा है। कुछ स्थानों पर किराये में काफी कमी आने की बात भी सामने आई है।

व्यापारियों का कहना है कि दुकान का किराया, बिजली-पानी का खर्च, कर्मचारियों की मजदूरी, बैंक की किश्त और अन्य खर्च लगातार बने हुए हैं, लेकिन कारोबार से होने वाली आय में कमी आई है। ऐसे में कई छोटे कारोबारी अपने प्रतिष्ठान बंद करने या छोटे स्तर पर कारोबार चलाने पर विचार कर रहे हैं।

होटल और रेस्टोरेंट कारोबार भी प्रभावित

रिफाइनरी क्षेत्र में काम करने वाले मजदूरों और कर्मचारियों की बड़ी संख्या के कारण होटल, रेस्टोरेंट, ढाबे और किराना दुकानों को लंबे समय तक अच्छी ग्राहकी मिलती रही। अब लोगों की संख्या घटने से इन कारोबारों पर सीधा असर पड़ा है।

कई होटल और लेबर कॉलोनियां भी पहले की तुलना में खाली नजर आ रही हैं। जिन क्षेत्रों में कभी बड़ी संख्या में मजदूर रहते थे, वहां अब कई जगह ताले लगे दिखाई दे रहे हैं। खाली पड़े कमरों और मकानों के बाहर किराये के लिए सूचना देने वाले बोर्ड भी नजर आ रहे हैं।

जमीन कारोबार में भी सुस्ती

रिफाइनरी क्षेत्र के आसपास जमीन और प्रॉपर्टी कारोबार को भी निर्माण गतिविधियों से काफी उम्मीदें थीं। परियोजना के कारण जमीन की मांग बढ़ने और भविष्य में कारोबारी गतिविधियां तेज होने की उम्मीद में कई लोगों ने निवेश किया था। अब जमीन के कारोबार में भी सुस्ती की बात सामने आ रही है।

स्थानीय प्रॉपर्टी कारोबारियों के मुताबिक खरीदारों की सक्रियता पहले की तुलना में कम हुई है। इससे जमीनों की खरीद-फरोख्त प्रभावित हुई है और निवेशकों में भी चिंता बढ़ी है।

कारोबारियों को भविष्य की गतिविधियों से उम्मीद

स्थानीय दुकानदारों और व्यापारियों का कहना है कि रिफाइनरी क्षेत्र से उन्हें लंबे समय तक आर्थिक गतिविधियां बढ़ने की उम्मीद थी। निर्माण कार्य के दौरान पैदा हुए रोजगार और कारोबार के बाद अब परियोजना से जुड़ी गतिविधियों के अगले चरण को लेकर स्थानीय व्यापारियों की नजर बनी हुई है।

कारोबारियों का कहना है कि क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियां और रोजगार के अवसर बढ़ते हैं तो बाजार में फिर से मांग पैदा हो सकती है। फिलहाल किराया, बैंक की किश्त और रोजमर्रा के खर्च निकालना कई व्यापारियों के लिए चुनौती बनता जा रहा है। रिफाइनरी क्षेत्र के आसपास कारोबार करने वाले लोगों को अब आगामी औद्योगिक गतिविधियों से बाजार में फिर से रौनक लौटने की उम्मीद है।

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