संकट के दौर में सरकारी सहायता बनी उम्मीद की किरण, मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने सौंपा स्वीकृति पत्र
जयपुर। बच्चों के जीवन की राह की शुरूआत में ही जब अचानक संकट के काले बादल छा जाएं तो एक माँ के सामने सबसे बड़ी चुनौती अपने बच्चों के भविष्य को सुरक्षित रखने की होती है। ब्यावर जिले की जैतारण तहसील की रहने वाली फरजाना का परिवार भी एक ऐसे ही मुश्किल दौर से गुजर रहा था। विपरीत परिस्थितियों ने परिवार के सामने आर्थिक और मानसिक चुनौतियां खड़ी कर दी थी। तब भजनलाल सरकार की मुख्यमंत्री पालनहार योजना ने ब्यावर जिले की जैतारण तहसील निवासी फरजाना के परिवार को सहारा दिया, उसके बच्चों की शिक्षा और बेहतर भविष्य की राह को आसान बनाया।
पति की असमय मृत्यु से परिवार पर आया संकट
फरजाना के पति की अचानक सड़क दुर्घटना में मृत्यु हो गई तो परिवार पर दु:खों का पहाड़ टूट पड़ा, आर्थिक जिम्मेदारी फरजाना के कंधों पर आ गई। बच्चों के पालन-पोषण के साथ उनकी शिक्षा का खर्च जुटाना उनके लिए बड़ी चुनौती बन गया।
स्कूल यूनिफॉर्म, किताबें, शैक्षणिक सामग्री और बच्चों की अन्य आवश्यकताओं की पूर्ति करना मुश्किल होने लगा। आर्थिक परिस्थितियों का असर बच्चों की पढ़ाई पर पड़ने की आशंका भी सामने आने लगी।
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