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17th ACE Sepsis Symposium organised by Fortis Escorts Hospital, Jaipur

फोर्टिस एस्कॉर्ट्स हॉस्पिटल, जयपुर द्वारा 17वां ACE सेप्सिस सिम्पोजियम आयोजित

विशेषज्ञों ने सेप्सिस की समय पर पहचान, तुरंत उपचार और गंभीर मरीजों की बेहतर देखभाल पर किया मंथन

जयपुर. फोर्टिस एस्कॉर्ट्स हॉस्पिटल, जयपुर में 17वें ACE सेप्सिस सिम्पोजियम 2026 का सफल आयोजन किया गया। इस अवसर पर देशभर के प्रमुख क्रिटिकल केयर विशेषज्ञों और चिकित्सा विशेषज्ञों ने एक मंच पर आकर सेप्सिस जैसी गंभीर स्थिति की पहचान, उपचार और मरीजों की देखभाल से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर अपने अनुभव और जानकारी साझा की।

यह सिम्पोजियम ACE द्वारा Life Savers in Action के सहयोग से आयोजित किया गया। इसका उद्देश्य गंभीर रूप से बीमार मरीजों का इलाज करने वाले चिकित्सा विशेषज्ञों को सेप्सिस के प्रबंधन में नवीनतम जानकारी, बेहतर क्लिनिकल प्रक्रियाओं और व्यावहारिक अनुभवों से अवगत कराना था।
कार्यक्रम के दौरान सेप्सिस की शुरुआती पहचान, समय पर चिकित्सकीय निर्णय, वैज्ञानिक प्रमाणों पर आधारित उपचार और विभिन्न चिकित्सा विशेषज्ञों के बीच बेहतर समन्वय जैसे विषयों पर विशेष जोर दिया गया।

कार्यक्रम में देश के प्रतिष्ठित विशेषज्ञों ने व्याख्यान एवं पैनल चर्चाओं के माध्यम से अपने अनुभव साझा किए। इनमें डॉ. श्रीनिवास समावेदम, कंसल्टेंट एवं हेड, क्रिटिकल केयर, सिंधु हॉस्पिटल, हैदराबाद; डॉ. संजीत शशिधरन, मेडिकल डायरेक्टर, केयर फोर्टिस ब्रीच हॉस्पिटल, मुंबई; डॉ. परीक्षित प्रयाग, हेड, क्रिटिकल डिजीज स्पेशलिस्ट, दीनानाथ मंगेशकर हॉस्पिटल, पुणे; डॉ. रवि जैन, एसोसिएट प्रोफेसर, MGMCH, जयपुर; तथा डॉ. श्रीकांत श्रीनिवासन, चेयरमैन, मणिपाल इंस्टीट्यूट ऑफ क्रिटिकल केयर मेडिसिन, मणिपाल हॉस्पिटल्स, दिल्ली शामिल रहे।

चर्चाओं में क्रिटिकल केयर के दौरान सामने आने वाली वास्तविक चुनौतियों पर भी विस्तार से विचार किया गया। इनमें मरीज की स्थिति के शुरुआती जोखिम का आकलन, स्वास्थ्य में होने वाले छोटे लेकिन महत्वपूर्ण बदलावों की पहचान, समय पर आवश्यक उपचार शुरू करना और मरीज की स्थिति की लगातार निगरानी एवं दोबारा जांच करना प्रमुख विषय रहे।

इस अवसर पर डॉ. पंकज आनंद, डायरेक्टर – इंटरनल मेडिसिन एवं क्रिटिकल केयर, फोर्टिस हॉस्पिटल , जयपुर ने कहा,
“सेप्सिस में मरीज की स्थिति बहुत तेजी से गंभीर हो सकती है। ऐसे में शुरुआती संकेतों को समय पर पहचानना और तुरंत सही उपचार शुरू करना बेहद महत्वपूर्ण है। इस तरह के शैक्षणिक कार्यक्रमों के माध्यम से हम चिकित्सा की स्थापित प्रक्रियाओं की समीक्षा करने, जटिल परिस्थितियों से सीखने और अलग-अलग संस्थानों के अनुभवों को साझा करने का अवसर प्राप्त करते हैं। इससे मरीजों की देखभाल में वैज्ञानिक एवं प्रमाण-आधारित दृष्टिकोण को और मजबूत करने में मदद मिलती है।”

डॉ. मनीष कुमार अग्रवाल, फैसिलिटी डायरेक्टर, फोर्टिस एस्कॉर्ट्स हॉस्पिटल , जयपुर ने कहा,
“हम चिकित्सा क्षेत्र में निरंतर सीखने और क्लिनिकल उत्कृष्टता को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध हैं। ACE सेप्सिस सिम्पोजियम जैसे मंच चिकित्सा विशेषज्ञों को अपने अनुभव और महत्वपूर्ण जानकारियां साझा करने तथा उपचार की बदलती एवं बेहतर होती प्रक्रियाओं को समझने का अवसर प्रदान करते हैं। इस तरह के प्रयास गंभीर रूप से बीमार मरीजों की देखभाल को और बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।”
17वें ACE सेप्सिस सिम्पोजियम 2026 का समापन चिकित्सा संस्थानों के बीच निरंतर सहयोग, पेशेवर ज्ञान के आदान-प्रदान और क्रिटिकल केयर में वैज्ञानिक एवं प्रमाण-आधारित उपचार पद्धतियों को और मजबूत करने के संकल्प के साथ हुआ।

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