सोमवार, मार्च 16 2026 | 04:29:43 AM
Breaking News
Home / राजकाज / ‘कर्ज की किस्तें चुकाने में तीन माह की छूट महज ढकोसला’
'Three months' discount in repayment of loan installments is only fraud

‘कर्ज की किस्तें चुकाने में तीन माह की छूट महज ढकोसला’

जयपुर। उच्चतम न्यायालय में शनिवार को दायर एक याचिका में कोरोना वायरस महामारी से उत्पन्न संकट के बीच बकाया कर्ज की किस्तें चुकाने के लिए तीन महीने की मोहलत देने संबंधी भारतीय रिजर्व बैंक के परिपत्र को निरस्त करने का निर्देश जारी करने की मांग की गई है। याचिका में कहा गया है कि रिजर्व बैंक का वह सर्कुलर एक ढकोसला है क्योंकि उसमें तीन माह की मोहलत की अवधि में कर्ज की राशि पर ब्याज लगाया जाता रहेगा। याचिकाकर्ता की दलील है कि ऐसे में नियमित समान मासिक किस्त (ईएमआई) पर अतिरिक्त ब्याज लगाने का कोई तुक नहीं बनता।

रिजर्व बैंक ने दी थी राहत

रिजर्व बैंक ने 27 मार्च को एक परिपत्र जारी कर बैंकों को कोरोना वायरस के संकट के मद्देनजर कर्जदारों को राहत प्रदान करने के लिये एक मार्च को बकाया किस्तों के भुगतान में तीन महीने की राहत (Three months relief in payment of outstanding installments) देने का परामर्श दिया है। रिजर्व बैंक ने कहा है कि ग्राहकों के अनुरोध पर बैंक व वित्तीय संस्थान उन्हें यह छूट मुहैया करा सकते हैं।

ऋण के छूट के तीन महीनों में बकाया राशि पर लगेगा ब्याज

इसमें कहा गया है कि ऐसे कर्ज की सभी बकाया किस्तें चुकाने की समय सारिणी और चुकाने की अवधि मोहलत की अवधि के अनुसार तीन महीने बढ़ा दी जाएगी। हालांकि राहत के इन तीन महीनों के दौरान बकाया राशि पर ब्याज लगता रहेगा और यह जमा होता जाएगा। राहत की अवधि के समाप्त होने के बाद ग्राहकों को इन तीन महीनों के ब्याज का भी भुगतान करना पड़ेगा।

Check Also

'We have many surprises in store', Iran warns against US plot

‘हमारे पास भी कई सरप्राइज हैं’, अमेरिका की साजिश के खिलाफ ईरान की चेतावनी

नई द‍िल्‍ली. अमेर‍िका-इजरायल और ईरान के बीच चल रहा युद्ध आज नौवें द‍िन में प्रवेश कर …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *