पहले पटाऊ तक 67 किमी सड़क बनेगी, इसके बाद पचपदरा तक 20 किमी फोरलेन का विस्तार; भांडू और कल्याणपुर में बनेंगे बाइपास, भूमि अवाप्ति से प्रभावित खातेदारों को मिलेगा मुआवजा
बालोतरा। पश्चिमी राजस्थान में सड़क कनेक्टिविटी को मजबूत करने और औद्योगिक विकास को गति देने की दिशा में जोधपुर-पचपदरा फोरलेन सड़क परियोजना महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। इस परियोजना के लिए करीब 2130 करोड़ रुपए का प्रस्ताव तैयार कर केंद्र सरकार को भेजा गया है। योजना के तहत सड़क का निर्माण दो चरणों में किया जाएगा। पहले चरण में जोधपुर से पटाऊ तक करीब 67 किलोमीटर लंबा फोरलेन बनाया जाएगा। इसके बाद पटाऊ से पचपदरा तक करीब 20 किलोमीटर सड़क का निर्माण किया जाएगा। परियोजना में भांडू और कल्याणपुर में बाइपास बनाने की योजना भी शामिल है।
परियोजना पूरी होने पर जोधपुर से बालोतरा जिले के पचपदरा क्षेत्र तक आवागमन अधिक सुगम होने की उम्मीद है। खासकर पचपदरा रिफाइनरी और इससे जुड़े औद्योगिक क्षेत्रों तक पहुंचने वाले वाहनों को बेहतर सड़क सुविधा मिल सकती है। हालांकि, परियोजना की स्वीकृति, निर्माण की समयसीमा और कार्य शुरू होने की तारीख केंद्र सरकार की मंजूरी तथा संबंधित विभागों की आगामी प्रक्रिया पर निर्भर करेगी।
दो चरणों में होगा फोरलेन का निर्माण
प्रस्तावित योजना के अनुसार, पहले चरण में जोधपुर से पटाऊ तक 67 किलोमीटर सड़क को फोरलेन में विकसित किया जाएगा। इसके बाद दूसरे चरण में पटाऊ से पचपदरा तक 20 किलोमीटर सड़क का निर्माण होगा। इस तरह दोनों चरणों में करीब 87 किलोमीटर सड़क का विकास प्रस्तावित है।
परियोजना को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाने का उद्देश्य सड़क निर्माण को व्यवस्थित रूप से पूरा करना और जोधपुर से पचपदरा तक बेहतर संपर्क उपलब्ध कराना है। फोरलेन बनने से वाहनों की आवाजाही के लिए अधिक जगह मिलेगी और यातायात का दबाव कम करने में मदद मिल सकती है। इससे स्थानीय यात्रियों के साथ माल परिवहन करने वाले वाहनों को भी लाभ मिलने की संभावना है।
भांडू और कल्याणपुर में बनेंगे बाइपास
फोरलेन परियोजना में भांडू और कल्याणपुर में बाइपास निर्माण भी प्रस्तावित है। बाइपास बनने से कस्बों के भीतर से गुजरने वाले भारी वाहनों को वैकल्पिक मार्ग मिल सकेगा। इससे आबादी वाले क्षेत्रों में यातायात का दबाव कम करने, जाम की समस्या घटाने और सड़क सुरक्षा बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है।
बाइपास निर्माण के लिए जमीन की आवश्यकता होगी। ऐसे में संबंधित क्षेत्रों में भूमि अवाप्ति की प्रक्रिया भी की जाएगी। भूमि अवाप्ति के दौरान जिन खातेदारों की जमीन परियोजना के दायरे में आएगी, उन्हें नियमानुसार मुआवजा दिए जाने का प्रावधान होगा। जमीन के मुआवजे की राशि संबंधित भूमि, लागू नियमों और प्रशासनिक प्रक्रिया के अनुसार निर्धारित की जाएगी।
भूमि अवाप्ति से प्रभावित खातेदारों को मिलेगा मुआवजा
परियोजना के लिए बाइपास और सड़क निर्माण की जरूरत के अनुसार जमीन उपलब्ध कराना महत्वपूर्ण होगा। इसके लिए संबंधित विभागों की ओर से भूमि की पहचान, सर्वे और अवाप्ति संबंधी प्रक्रिया पूरी की जाएगी। जमीन के बदले मिलने वाला मुआवजा प्रभावित खातेदारों के लिए महत्वपूर्ण रहेगा। हालांकि, कितनी जमीन अवाप्त होगी और कितने खातेदार प्रभावित होंगे, इसका विवरण विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तथा भूमि अवाप्ति की प्रक्रिया आगे बढ़ने के बाद स्पष्ट होगा।
रिफाइनरी और औद्योगिक गतिविधियों को मिल सकता है लाभ
पचपदरा क्षेत्र में रिफाइनरी और उससे जुड़ी औद्योगिक गतिविधियों के लिहाज से बेहतर सड़क संपर्क का विशेष महत्व है। जोधपुर से पचपदरा तक फोरलेन सड़क विकसित होने से औद्योगिक इकाइयों के लिए कच्चे माल और तैयार उत्पादों की आवाजाही अधिक सुविधाजनक हो सकती है। इसके अलावा क्षेत्र में निवेश, रोजगार और व्यावसायिक गतिविधियों को भी अप्रत्यक्ष रूप से बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
फिलहाल 2130 करोड़ रुपए का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा गया है। अब परियोजना की आगे की प्रगति केंद्र से मिलने वाली स्वीकृति और संबंधित विभागों की कार्रवाई पर निर्भर करेगी। मंजूरी मिलने के बाद निर्माण, भूमि अवाप्ति और अन्य जरूरी प्रक्रियाओं को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
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