गुरुग्राम। भविष्य के लिए तैयार पीढ़ी के निर्माण के साझा लक्ष्य के साथ BMW ग्रुप और यूनिसेफ ने भारत में अपनी वैश्विक BRIDGE साझेदारी के पहले वर्ष के प्रभाव को रेखांकित किया है। दिसंबर 2024 में शुरू हुई इस पहल के तहत देश के विभिन्न राज्यों में 1.10 लाख से अधिक छात्रों और 397 शिक्षकों को लाभ पहुंचाया गया। कार्यक्रम का फोकस जेंडर इनक्लूसिव STEM शिक्षा पर रहा, जिससे विशेष रूप से बालिकाओं को विज्ञान, तकनीक, इंजीनियरिंग और गणित के क्षेत्र में आगे बढ़ने का अवसर मिला।
यह पहल झारखंड, पश्चिम बंगाल, असम और तमिलनाडु में राज्य सरकारों के सहयोग से संचालित की जा रही है। इसके तहत प्रारंभिक कक्षाओं में साक्षरता और संख्यात्मक कौशल को मजबूत किया गया, वहीं किशोर छात्रों के लिए हैंड्स-ऑन STEM लर्निंग, मेकर स्पेस, STEM किट और नई साइंस लैब्स की शुरुआत की गई।
BMW ग्रुप इंडिया के प्रेसिडेंट एवं CEO हरदीप सिंह बरार ने कहा कि शिक्षा सामाजिक और आर्थिक प्रगति की कुंजी है और यह साझेदारी बच्चों, खासकर लड़कियों, को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में ठोस कदम है। यूनिसेफ इंडिया की प्रतिनिधि सिंथिया मैककैफ्री ने STEM में लैंगिक समानता पर जोर देते हुए इसे भविष्य की नौकरियों के लिए आवश्यक बताया।
पहले वर्ष में 17,830 शिक्षकों को वेबिनार के जरिए जोड़ा गया और कई राज्यों में इनोवेटिव STEM मॉडल लागू किए गए, जिससे जमीनी स्तर पर शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार हुआ।
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