नई दिल्ली। मोदी सरकार ने केंद्रीय बजट 2026-27 में देश के अन्नदाताओं के लिए एक महत्वपूर्ण घोषणा की है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किए गए इस बजट में किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) की ऋण सीमा को ₹3 लाख से बढ़ाकर सीधे ₹5 लाख कर दिया गया है।
किसानों को मिलेगा सीधा लाभ
सरकार के इस ऐतिहासिक फैसले का मुख्य उद्देश्य किसानों को खेती-बाड़ी और संबंधित गतिविधियों के लिए अधिक वित्तीय सहायता प्रदान करना है। इस योजना की मुख्य बातें निम्नलिखित हैं:
- संशोधित ब्याज सहायता योजना (MISS): यह बढ़ी हुई ऋण सीमा ‘संशोधित ब्याज सहायता योजना’ के अंतर्गत लागू की गई है。
- सस्ता कर्ज: इस योजना के तहत किसानों को पहले की तरह ही रियायती ब्याज दरों पर अल्पकालिक ऋण मिलता रहेगा。
- समय पर भुगतान पर लाभ: जो किसान अपने ऋण का भुगतान समय पर करते हैं, उन्हें ब्याज में अतिरिक्त छूट का लाभ मिलता है, जिससे प्रभावी ब्याज दर और भी कम हो जाती है。
कृषि क्षेत्र को मजबूती देने का प्रयास
बजट में कृषि और संबद्ध क्षेत्रों के लिए 1.62 लाख करोड़ रुपये से अधिक का आवंटन किया गया है। KCC की सीमा बढ़ने से न केवल पारंपरिक खेती, बल्कि डेयरी, मत्स्य पालन और पशुपालन से जुड़े किसानों को भी अपनी कार्यशील पूंजी (working capital) की जरूरतों को पूरा करने में आसानी होगी。
जानकारों का मानना है कि इस कदम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था में नकदी का प्रवाह बढ़ेगा और किसानों की आय दोगुनी करने के लक्ष्य को गति मिलेगी।
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