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Deputy Chief Minister praised Nand Ghar as an ideal Anganwadi in the state

उपमुख्यमंत्री ने नंद घर को राज्य में एक आदर्श आँगनवाड़ी के रूप में सराहा

रामनगरिया के नंद घर को राजस्थान में आँगनवाड़ी सुधार के लिए एक प्रमुख मॉडल के रूप में मान्यता

जयपुर. बाल विकास और महिलाओं के सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के एक महत्वपूर्ण कदम के तहत, आज राजस्थान की उपमुख्यमंत्री श्रीमती दीया कुमारी ने रामनगरिया, जयपुर में नंद घर का दौरा किया। इसे वेदांता की सामाजिक प्रभाव शाखा, अनिल अग्रवाल फाउंडेशन (आफ) द्वारा एक मॉडल आँगनवाड़ी के रूप में विकसित किया गया है। यह पहल सरकार के राजस्थान में आँगनवाड़ियों को मजबूत बनाने और बच्चों एवं मातृ स्वास्थ्य, पोषण और पूर्व-प्राथमिक शिक्षा को बढ़ावा देने, साथ ही ग्रामीण महिलाओं के सशक्तिकरण के अनुरूप है।

रामनगरिया में नंद घर को राज्य सरकार द्वारा आँगनवाड़ी नवीकरण के लिए एक प्रमुख मॉडल के रूप में मान्यता दी गई है। यह भविष्य के विकास के लिए सिर्फ एक मानदंड के रूप में ही कार्य नहीं करता है, बल्कि उच्च मानकों को भी स्थापित करता है, जिसे पूरे राज्य में आँगनवाड़ी कार्यक्रमों के विस्तार और प्रभाव को बढ़ाने के लिए दोहराया जा सकता है।
अपने दौरे के दौरान, श्रीमती दीया कुमारी ने बच्चों से बातचीत की और उन्हें कविताएँ सुनाने और अपनी सीख साझा करने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने आँगनवाड़ी कार्यकर्ता श्रीमती माया के समर्पण और पोषण ट्रैकर के कुशल उपयोग के लिए उनकी तारीफ भी की। इसके अलावा, उन्होंने आँगनवाड़ी की रसोई, सुविधाओं और पोषण वाटिका का भी निरीक्षण किया। उन्होंने पूरे राज्य के सभी आँगनवाड़ी केंद्रों में नंद घर मॉडल को दोहराने पर ज़ोर दिया।
नंद घर कई आधुनिक सुविधाओं से परिपूर्ण हैं, जिनमें सोलर पॉवर या ग्रिड बिजली, पीने के लिए साफ पानी और स्वच्छता सुविधाएँ शामिल हैं। इसके अलावा, टेलीविज़न और डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर जैसे संसाधन भी शामिल हैं, ताकि प्री-प्राइमरी बच्चों के लिए ई-लर्निंग और स्मार्ट शिक्षा को बढ़ावा दिया जा सके। इसके अलावा, नंद घर में पोषण बाग, खेल-खिलौने और झूले बच्चों के सीखने के माहौल को और भी बेहतर बनाते हैं, जिससे उनका संपूर्ण विकास होता है।
प्रोजेक्ट नंद घर की स्थापना वर्ष 2015 में हुई थी। यह अनिल अग्रवाल फाउंडेशन की एक प्रमुख महिला एवं बाल विकास पहल है, जिसका लक्ष्य पूरे भारत में आँगनवाड़ी केंद्रों को आधुनिक बनाना है। राजस्थान में अब तक 3500 से अधिक नंद घर स्थापित किए जा चुके हैं, जिसने राज्य में 1,20,000 से अधिक बच्चों और 90,000 महिलाओं के जीवन को सकारात्मक रूप से प्रभावित किया है। अब तक, 15 राज्यों में 6,500 से अधिक नंद घर स्थापित किए जा चुके हैं, जिससे 2,50,000 से अधिक बच्चों और 1,90,000 महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव देखने को मिले हैं।
नए मॉडल आँगनवाड़ी केंद्र, जैसे कि रामनगरीया का नंद घर, बेहतरीन सुविधाएँ और सेवाएँ प्रदान करते रहेंगे। ये केंद्र राजस्थान भर में समुदाय संसाधन केंद्रों के लिए एक आदर्श उदाहरण सिद्ध होंगे। यह पहल शहरों और गाँवों के बीच के बीच के अंतर को खत्म करने और राज्य के समग्र सामाजिक-आर्थिक विकास को बढ़ावा देने के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

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