बुधवार, जून 26 2024 | 03:25:02 AM
Breaking News
Home / कृषि-जिंस / ईकी के बढ़ते पदचिन्ह, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र और तमिलनाडु के साथ ही विदेश में ओमान में व्यापार विस्तार की योजना
eeki growing footprint, plans to expand business abroad in Madhya Pradesh, Maharashtra and Tamil Nadu as well as Oman

ईकी के बढ़ते पदचिन्ह, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र और तमिलनाडु के साथ ही विदेश में ओमान में व्यापार विस्तार की योजना

700 करोड़ रुपए के निवेश के साथ होगा विस्तार, यूएई, सिंगापुर और यूरोप में भी कुछ महीनो में शुरू होगा सब्जियों का निर्यात

जयपुर. सस्टेनेबल पद्धति से पौष्टिक सब्जियां उगाने के क्षेत्र में काम कर रहा देश का अग्रणी एग्रीटेक स्टार्टअप ईकी आने वाले दो सालों में 700 करोड़ रुपए के निवेश की मदद से अपना व्यवसाय आगे ले जाने के साथ ही अपनी स्थानीय और वैश्विक मौजूदगी को बढ़ाने वाला है। तत्कालीन तौर पर, राजस्थान और हरियाणा से संचालित कंपनी अपना काम मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, तमिलनाडु और विदेश में ओमान में शुरू करने जा रही है। इसके साथ ही ईकी यूएई, सिंगापुर और यूरोप के अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी सब्जियों का निर्यात शुरू करेगी। ईकी टेक्नोलॉजी प्रति एकड़ पर 180 टन का उत्पादन करती है, जो कि साधारण खेती से 18 गुना ज्यादा है। ईकी स्वतंत्र रूप से संचालित सबसे बड़ी पर्यावरण-नियंत्रित कृषि कंपनी है, जो आने वाले 2 सालों में 800 एकड़ तक अपना विस्तार करेगी।

ईकी के को-फाउंडर और सीईओ अभय सिंह ने कहा कि, “हम भारत के अन्य प्रदेशों में भी अपने काम बढ़ाना चाहते हैं ऐसे जमीन मालिकों और सहयोगियों के साथ जुड़कर जो हमारी ही तरह सोचते हो। हमारी पेटेंटेड उत्पादन पद्धति खेती को सस्टेनेबल भी बनाती है और पर्यावरण के अनुकूल भी, जिससे हम सालभर खेती कर सकते हैं। ईकी के खेत प्रति एकड़ में औसत से 18 गुना ज्यादा उत्पादन करते हैं और बंजर और अनुपयोगी जमीन पर भी हम उसी कीमत में खेती कर रहे हैं, 80% कम पानी का उपयोग करते हुए।”

उन्होंने आगे बताया कि “ईकी के संचालन का सबसे प्रमुख अंग है ऑटोमेशन, जिससे हम पौधों को मिलने वाले वातावरण, सिंचाई और पोषण पर क्लाउड बेस्ड प्लेटफार्म की मदद से नियंत्रण रखते हैं। मशीन लर्निंग और रोबोटिक्स की मदद से और इमेज प्रोसेसिंग करते हुए किसी भी संभव बीमारी पर पैनी नज़र रखते हैं जिससे हमारा उत्पादन बढ़ सके और फसल भी स्वस्थ रहे।”

जनरल कैटेलिस्ट (जीसी) के वेंचर एडवाइजर आनंद चंद्रशेखरण ने कहा कि, “जीसी में हम अभय और अमित जैसे साहसी संस्थापकों से बेहद प्रेरित है जिन्होंने सिर्फ वित्तीय ही रही सामाजिक पहलुओं को ध्यान में रखते हुए अपने बिजनेस को खड़ा किया है। उनका बिजनेस मॉडल और नवाचारयुक्त समाधान, हजारों किसानों को फायदा पहुंचाने और उनके जीवन में एक बड़ा बदलाव लाने के साथ अपनी समृद्धि में उन्हें शामिल करने के उद्देश्य का जीता जागता उदाहरण है।”

Check Also

सोनालीका ने H1 FY’24 में 78,793 कुल ट्रैक्टर बिक्री की, उद्योग में सर्वाधिक घरेलू बिक्री वृद्धि दर्ज

सितंबर’23 में 15.8% अब तक की अपनी सबसे अधिक कुल बाज़ार हिस्सेदारी के साथ आगे …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *