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ओम आश्रम विवाद: संपत्ति पर नजर या साजिश? उठे गंभीर सवाल

जाड़न ओम आश्रम विवाद में नया मोड़: स्वामी महेश्वरानंद के स्वास्थ्य की जांच के लिए हाईकोर्ट का आदेश, शिवपुरा थाने में दर्ज मामले के बाद सामाजिक संस्था वी द पिपुल पहुंची उच्च न्यायालय, कोर्ट ने मेडिकल बोर्ड से जांच कराने के दिए निर्देश, 25 मार्च 2026 को रिपोर्ट होगी पेश

 

पाली। पाली जिले के जाडन स्थित विश्वदीप गुरुकुल (ओम आश्रम) से जुड़े विवाद ने अब नया मोड़ ले लिया है। आश्रम में रहने वाले संत फुलपुरी द्वारा शिवपुरा थाने में दर्ज कराए गए मामले के बाद सामाजिक संस्था वी द पिपुल (हम लोग) इस प्रकरण में आगे आई और स्वामी महेश्वरानंद के स्वास्थ्य तथा सुरक्षा को लेकर राजस्थान हाईकोर्ट में याचिका दायर की। याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने स्वामी महेश्वरानंद की स्वास्थ्य स्थिति की जांच के लिए मेडिकल बोर्ड गठित करने के निर्देश दिए हैं।

याचिकाकर्ता मंजू सुराणा ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त आध्यात्मिक गुरु परमपूज्य स्वामी महेश्वरानंद (लगभग 81 वर्ष) वर्तमान में स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रहे हैं। ऐसे में उनकी वास्तविक स्वास्थ्य स्थिति स्पष्ट करने तथा उन्हें उचित चिकित्सीय देखभाल उपलब्ध कराने के लिए स्वतंत्र मेडिकल जांच आवश्यक है।

याचिका में पाली जिले के शिवपुरा थाने में 17 जनवरी को दर्ज उस एफआईआर का भी उल्लेख किया गया है, जो आश्रम में रहने वाले संत फुलपुरी की ओर से दर्ज कराई गई थी। इस मामले में आश्रम में रह रहे कुछ विदेशी नागरिकों की गतिविधियों को लेकर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। शिकायत में आरोप है कि कुछ विदेशी नागरिकों ने आश्रम और ट्रस्ट के प्रशासनिक मामलों में हस्तक्षेप किया तथा आश्रम की व्यवस्था को प्रभावित किया।

आश्रम में रह रहे विदेशी नागरिकों की गतिविधियों की हो जांच

याचिकाकर्ता मंजू सुराणा की ओर से अदालत को यह भी अवगत कराया गया कि इन आरोपों के बावजूद अब तक संबंधित प्राधिकरणों द्वारा प्रभावी और निष्पक्ष जांच नहीं की गई। इस संबंध में कई बार अधिकारियों को प्रतिवेदन भी दिए गए, जिनमें आश्रम में रह रहे विदेशी नागरिकों की गतिविधियों, स्वामीजी की स्वास्थ्य स्थिति तथा उनकी सुरक्षा और उचित चिकित्सीय देखभाल की आवश्यकता को लेकर चिंता व्यक्त की गई थी, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।

कोर्ट ने दिए ये आदेश

मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिया कि पाली के पुलिस अधीक्षक तथा बांगड़ चिकित्सालय के प्रधान चिकित्सा अधिकारी के समन्वय से एक मेडिकल बोर्ड का गठन किया जाए। इस बोर्ड में एक वरिष्ठ फिजिशियन, एक न्यूरोलॉजिस्ट या न्यूरोसर्जन तथा आवश्यकता होने पर एक मनोचिकित्सक को शामिल किया जाएगा।

अदालत ने निर्देश दिया है कि मेडिकल बोर्ड स्वामी महेश्वरानंद की स्वास्थ्य स्थिति की जांच कर अपनी रिपोर्ट 25 मार्च 2026 को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत करे, ताकि मामले में आगे की कार्रवाई की जा सके।

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