जयपुर। बालोतरा जिले के सिवाना कस्बे के नियोजित विकास को लेकर नगरीय विकास विभाग ने मास्टर प्लान की समय सीमा में बदलाव किया है। विभाग ने सिवाना मास्टर प्लान का क्षितिज वर्ष 2043 से बढ़ाकर 2047 कर दिया है। इस संबंध में शासन उप सचिव-प्रथम रवि विजय ने संशोधित अधिसूचना जारी की है। इस बदलाव के बाद सिवाना और इसके आसपास के निर्धारित राजस्व ग्रामों के नियोजित विकास की योजना अब वर्ष 2047 तक की अवधि को ध्यान में रखकर लागू होगी।
सिवाना सहित 9 राजस्व ग्राम मास्टर प्लान में शामिल
संशोधित मास्टर प्लान में सिवाना सहित कुल 9 राजस्व ग्रामों को शामिल किया गया है। इनमें हरमलपुरा, पर्वत नगर, पादरडी कलां और खेतासर प्रमुख हैं। इसके अलावा ऊमसर, निम्बेश्वर, पीपलून और गूंगरोट के निर्धारित क्षेत्र भी मास्टर प्लान के दायरे में शामिल किए गए हैं।
इन क्षेत्रों को योजना में शामिल करने का उद्देश्य कस्बे और आसपास के क्षेत्रों के विकास को नियोजित स्वरूप देना है। मास्टर प्लान के माध्यम से संबंधित क्षेत्रों में भविष्य की जरूरतों के अनुरूप विकास की रूपरेखा तैयार की जाएगी।
जोधपुर जोन के वरिष्ठ नगर नियोजक को जिम्मेदारी
सिवाना मास्टर प्लान तैयार करने की जिम्मेदारी जोधपुर जोन के वरिष्ठ नगर नियोजक को सौंपी गई थी। नगरीय विकास विभाग की ओर से जारी संशोधित अधिसूचना में मास्टर प्लान के क्षितिज वर्ष को बढ़ाकर 2047 किया गया है। इससे नियोजित विकास की समय सीमा में चार वर्ष की बढ़ोतरी हुई है।
मास्टर प्लान किसी कस्बे या शहर के भविष्य के विकास की दिशा तय करने वाला महत्वपूर्ण दस्तावेज होता है। इसके तहत क्षेत्र के विस्तार और भूमि के नियोजित उपयोग को ध्यान में रखकर विकास की योजना बनाई जाती है। सिवाना के मास्टर प्लान का क्षितिज वर्ष बढ़ाए जाने से अब योजना की समय सीमा वर्ष 2047 तक निर्धारित हो गई है।
नगरीय विकास विभाग की ओर से जारी इस संशोधित अधिसूचना से सिवाना और मास्टर प्लान में शामिल आसपास के राजस्व ग्रामों के नियोजित विकास की प्रक्रिया को नई समय सीमा के अनुरूप आगे बढ़ाया जाएगा।
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