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PM Modi's message from Marwari University: India's real strength is its industry-ready workforce

मारवाड़ी यूनिवर्सिटी से पीएम मोदी का संदेश; इंडस्ट्री-रेडी वर्कफोर्स ही भारत की असली ताकत

New delhi. गुजरात सरकार द्वारा आयोजित वाइब्रेंट गुजरात रीजनल कॉन्फ्रेंस (VGRC) का पहला दिन मारवाड़ी यूनिवर्सिटी में शुरू हुआ। कार्यक्रम में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 13 नए स्मार्ट औद्योगिक एस्टेट और एक मेडिकल डिवाइस पार्क का उद्घाटन किया। उद्योग-तैयार कार्यबल को समय की आवश्यकता बताते हुए प्रधानमंत्री ने निवेशकों को गुजरात में मौजूद मजबूत शिक्षा और कौशल विकास इकोसिस्टम का भरोसा दिलाया। वहीं गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्रभाई पटेल ने क्षेत्रीय सशक्तिकरण को भारत की व्यापक विकास आकांक्षाओं का अहम स्तंभ बताया।

 

बड़े निवेशों के प्रस्तावों ने गुजरात की विकास गाथा को और मजबूती दी। अडानी समूह ने अगले पांच वर्षों में कच्छ में ₹1.5 लाख करोड़ के निवेश की प्रतिबद्धता जताई, वही रिलायंस ने इसी अवधि में ₹7 लाख करोड़ के निवेश की योजना की घोषणा की, जिससे बड़े पैमाने पर रोजगार और आजीविका के अवसर सृजित होंगे। रिलायंस प्रमुख मुकेश अंबानी ने जामनगर में विश्व के सबसे बड़े एकीकृत स्वच्छ ऊर्जा इकोसिस्टम के विकास की जानकारी भी साझा की। इसके साथ ही उन्होंने जामनगर को भारत का सबसे बड़ा एआई-रेडी सेंटर बनाने की परिकल्पना रखी, जिसका उद्देश्य हर भारतीय तक किफायती एआई पहुंच सुनिश्चित करना है।

 

मारवाड़ी यूनिवर्सिटी के प्रेजिडेंट केतन मारवाड़ी ने कहा, “इस प्रतिष्ठित आयोजन की मेजबानी करना हमारे लिए गर्व का विषय है। हमारे जैसे संस्थान कुशल प्रतिभा को विकसित कर, नवाचार को बढ़ावा देकर और शिक्षा को उद्योग व निवेश की जरूरतों से जोड़कर क्षेत्रीय इकोसिस्टम को सशक्त बनाने में अहम भूमिका निभाते हैं। यह सम्मेलन नवाचार, सतत विकास और गुणवत्तापूर्ण निवेश को आगे बढ़ाने की सामूहिक प्रतिबद्धता है, जो भारत की विकास कहानी को नई दिशा देता है।”

मारवाड़ी यूनिवर्सिटी के वाइस चेयरमैन एवं को-फाउंडर जीतूभाई चंदराना ने कहा, “यह सम्मेलन कच्छ और सौराष्ट्र क्षेत्र में निवेश-आधारित विकास को गति देने का सशक्त मंच है। इस ऐतिहासिक आयोजन की मेजबानी गुजरात की मजबूत शासन व्यवस्था, उद्योग-अनुकूल वातावरण और दीर्घकालिक समृद्धि के विजन को दर्शाती है। शिक्षा, नवाचार और उद्यमिता से जुड़े संस्थान के रूप में हम एक वैश्विक प्रतिस्पर्धी माहौल की कामना करते हैं, जो सतत रोजगार सृजन को बढ़ावा दे।”

 

‘वोकल फॉर लोकल’ की भावना के साथ आयोजित इस सम्मेलन में देशभर से नीति निर्माता, विचारक और निवेशक एकत्र हुए, जिन्होंने समृद्ध समुद्री विरासत, सशक्त औद्योगिक आधार और मजबूत एमएसएमई नेटवर्क के लिए पहचाने जाने वाले कच्छ और सौराष्ट्र क्षेत्र की विशिष्ट संभावनाओं पर मंथन किया। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान और निवेश पहुंच को मजबूत करते हुए कार्यक्रम में वैश्विक सहभागिता भी देखने को मिली।

विकसित भारत@2047 और विकसित गुजरात@2047 के विजन के अनुरूप, पहले दिन सतत विकास, पोर्ट्स एवं लॉजिस्टिक्स, एग्रो और फूड प्रोसेसिंग, टेक्सटाइल, मत्स्य पालन, खनिज और ऊर्जा जैसे क्षेत्रों पर उच्च-स्तरीय और प्रभावशाली चर्चाएं आयोजित की गईं।

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