बालोतरा। जिले में कलेक्ट्रेट सचिवालय के निर्माण की राह साफ होती नजर आ रही है, लेकिन इसके साथ ही एक नया विवाद भी खड़ा हो गया है। कॉलेज आयुक्तालय ने बालोतरा के MBR पीजी कॉलेज की जमीन को सरकारी प्रयोजनार्थ (कलेक्ट्रेट निर्माण) के लिए उपयोग करने पर अपनी सहमति दे दी है। इस फैसले की खबर मिलते ही कॉलेज के छात्र भड़क गए हैं।
क्या है आयुक्तालय का फैसला?
जिला कलेक्टर ने सरकारी कार्यालयों के निर्माण के लिए कॉलेज की भूमि मांगी थी। इस पर कॉलेज आयुक्तालय ने अब अपनी आधिकारिक मुहर लगा दी है। आयुक्तालय द्वारा कलेक्टर को भेजे गए सहमति पत्र के मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:
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कुल आवंटित भूमि: कॉलेज के पास वर्तमान में 85 बीघा भूमि आवंटित है।
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सहमति का दायरा: कुल 29 बीघा भूमि पर आयुक्तालय ने सहमति दी है।
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इसमें 24 बीघा भूमि वह है जो वर्तमान में खेल मैदान के लिए आरक्षित है।
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बाकी की 5 बीघा भूमि वह है जिस पर अभी कॉलेज का कब्जा नहीं है।
क्यों हो रहा है विरोध?
जैसे ही आयुक्तालय के इस पत्र की जानकारी सार्वजनिक हुई, कॉलेज के छात्रों ने इसका कड़ा विरोध शुरू कर दिया है। छात्रों का कहना है कि:
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खेल मैदान का भविष्य: 24 बीघा खेल मैदान की जमीन छिन जाने से छात्रों के पास खेल और शारीरिक गतिविधियों के लिए पर्याप्त जगह नहीं बचेगी।
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शिक्षा बनाम प्रशासन: छात्रों का तर्क है कि कॉलेज की भूमि केवल शैक्षणिक विकास और भविष्य में कॉलेज विस्तार के लिए होनी चाहिए।
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आंदोलन की चेतावनी: छात्र संगठनों ने इस फैसले को ‘छात्र विरोधी’ बताते हुए आंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी है।
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