सोमवार, जून 29 2026 | 07:12:17 AM
Breaking News
Home / कृषि-जिंस / यमुना खादर में फिर भड़की सीमा विवाद की आग: हरियाणा पुलिस पर यूपी में घुसकर फसल उजाड़ने का आरोप

यमुना खादर में फिर भड़की सीमा विवाद की आग: हरियाणा पुलिस पर यूपी में घुसकर फसल उजाड़ने का आरोप

बागपत/सोनीपत: उत्तर प्रदेश और हरियाणा के बीच वर्षों से चला आ रहा सीमा विवाद एक बार फिर हिंसक टकराव की दहलीज पर खड़ा हो गया है। ताजा मामला बागपत जिले के बड़ौत क्षेत्र स्थित कोटाना खादर का है, जहाँ यूपी के किसानों ने हरियाणा पुलिस और वहां के ग्रामीणों पर बर्बरता का गंभीर आरोप लगाया है।

ट्रैक्टरों से रौंद दी लाखों की फसल

पीड़ित किसानों का आरोप है कि हरियाणा के सोनीपत जिले के पपनेरा थाना प्रशासन ने पपनेरा गांव के ग्रामीणों के साथ मिलकर यूपी की सीमा में अवैध रूप से प्रवेश किया। किसानों के अनुसार, हरियाणा पक्ष ने करीब 50 बीघा में खड़ी गेहूं, तरबूज और खरबूजे की लहलहाती फसल को ट्रैक्टर चलाकर पूरी तरह उजाड़ दिया।

“हमने उन्हें रोकने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने बलपूर्वक हमें पीछे धकेल दिया और हमारी आंखों के सामने लाखों की मेहनत मिट्टी में मिला दी।” – पीड़ित किसान

प्रशासनिक प्रोटोकॉल के उल्लंघन का आरोप

यूपी के किसानों ने बागपत एसडीएम से लिखित शिकायत कर न्याय की गुहार लगाई है। किसानों का मुख्य तर्क है कि:

  • नियमों की अनदेखी: सीमा विवाद से जुड़े मामलों में दोनों राज्यों के प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में पहले पैमाइश (नाप-तौल) की जाती है। इस मामले में हरियाणा पक्ष ने यूपी प्रशासन को कोई सूचना नहीं दी।
  • भौगोलिक स्थिति: यमुना की धारा बदलने और कटान के कारण अक्सर सीमा रेखा बदल जाती है, जिसका फायदा उठाकर हरियाणा इस जमीन पर अपना दावा ठोक रहा है।
  • भारी नुकसान: उजाड़ी गई फसल की कीमत लाखों रुपये बताई जा रही है, जिससे किसान भुखमरी की कगार पर आ गए हैं।

क्यों उलझा है विवाद?

हरियाणा और यूपी के बीच सीमा का निर्धारण यमुना नदी करती है। विशेषज्ञों के अनुसार, यमुना के बहाव की धारा बदलने से जमीन कभी इस पार तो कभी उस पार चली जाती है। इसे लेकर सोनीपत और बागपत के गांवों के बीच दशकों से खींचतान चल रही है, जो अक्सर खूनी संघर्ष का रूप ले लेती है।

Check Also

3 साल 7 महीने बाद पलटा चुनावी नतीजा, कोर्ट ने एक वोट से हारी पंच प्रत्याशी को घोषित किया विजेता

हरियाणा के हांसी में पंचायत चुनाव से जुड़ा एक मामला करीब तीन साल सात महीने …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *