बालोतरा में ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित अवैध कपड़ा इकाइयों के खिलाफ प्रशासन ने सख्ती शुरू कर दी है। जिला कलक्टर के निर्देश और उपखंड अधिकारी (SDM) की मॉनिटरिंग में गिड़ा तहसील के केसुम्बला गांव में प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए एक अवैध कपड़ा इकाई को ध्वस्त कर दिया।
केसुम्बला में अवैध कपड़ा इकाई पर कार्रवाई
प्रशासन को केसुम्बला क्षेत्र में अवैध रूप से कपड़ा इकाई संचालित किए जाने की जानकारी मिली थी। इसके बाद जिला प्रशासन के निर्देश पर संबंधित विभागों की टीम ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की। कार्रवाई के दौरान अवैध कपड़ा इकाई के निर्माण एवं संचालन से जुड़े ढांचे को ध्वस्त किया गया।
इस कार्रवाई में गिड़ा तहसीलदार, राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल (RSPCB) के अधिकारी और गिड़ा थाना पुलिस की टीम शामिल रही। पुलिस की मौजूदगी में प्रशासनिक टीम ने मौके पर कार्रवाई को अंजाम दिया।
प्रदूषण फैलाने वाली इकाइयों पर निगरानी
बालोतरा जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में कपड़ा रंगाई-छपाई और अन्य औद्योगिक गतिविधियों से जुड़ी कई इकाइयां संचालित हैं। इनमें से कुछ इकाइयों के वैध अनुमति और पर्यावरणीय मानकों के पालन को लेकर प्रशासन की ओर से लगातार निगरानी की जा रही है। प्रशासन का फोकस विशेष रूप से ऐसी इकाइयों पर है, जो बिना अनुमति संचालित हो रही हैं या जिनसे आसपास के क्षेत्र में प्रदूषण फैलने की आशंका है।
केसुम्बला में हुई कार्रवाई को इसी अभियान का हिस्सा माना जा रहा है। प्रशासन और प्रदूषण नियंत्रण मंडल की टीम अब ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित अन्य औद्योगिक इकाइयों की भी जांच कर सकती है।
अवैध गतिविधियों पर जारी रहेगी कार्रवाई
प्रशासन की ओर से स्पष्ट किया गया है कि बिना अनुमति औद्योगिक गतिविधियां संचालित करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। जिला प्रशासन द्वारा संबंधित अधिकारियों को ग्रामीण क्षेत्रों में ऐसी इकाइयों पर नजर रखने और नियमों का उल्लंघन मिलने पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
केसुम्बला में हुई कार्रवाई के बाद क्षेत्र में अवैध कपड़ा इकाइयां संचालित करने वालों में भी हड़कंप की स्थिति है। प्रशासन की यह कार्रवाई आगे भी जारी रहने की संभावना है।
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