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बालोतरा: राम सेतु ओवरब्रिज का डिवाइडर बना ‘मौत का जाल’, आए दिन हो रहे हादसे; स्थानीय लोगों ने की हटाने की मांग

बालोतरा. बालोतरा शहर के नीलम सिनेमा के पास स्थित राम सेतु ओवरब्रिज वर्तमान में वाहन चालकों के लिए जोखिम का कारण बन गया है। यहाँ सड़क के बीचों-बीच बना डिवाइडर लगातार हो रही सड़क दुर्घटनाओं की मुख्य वजह बनकर उभरा है। स्थानीय लोगों और वाहन चालकों ने अब इस डिवाइडर को हटाने या यहाँ सुरक्षा के कड़े इंतजाम करने की मांग उठाई है।

तेज रफ्तार वाहनों के लिए बन रहा खतरा

ओवरब्रिज पर बना यह डिवाइडर विशेष रूप से रात के समय और तेज गति से आने वाले वाहनों के लिए घातक साबित हो रहा है। वाहन चालकों का कहना है कि डिवाइडर की स्थिति ऐसी है कि वह समय पर दिखाई नहीं देता, जिसके चलते वाहन सीधे उससे टकरा जाते हैं या अनियंत्रित होकर उसके ऊपर चढ़ जाते हैं।

पहले हटाए जा चुके हैं अन्य डिवाइडर

स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन ने पूर्व में राम सेतु ओवरब्रिज पर स्थित कई अन्य डिवाइडरों को हटा दिया था, जिससे वहां की यातायात व्यवस्था में सुधार हुआ था और दुर्घटनाएं कम हुई थीं। हालांकि, यह डिवाइडर अभी भी ज्यों का त्यों बना हुआ है, जो लगातार हादसों को न्योता दे रहा है।

प्रशासन से सुरक्षा के ठोस इंतजाम की मांग

हादसों को देखते हुए आक्रोशित नागरिकों ने नगर परिषद और यातायात विभाग से तत्काल प्रभाव से कार्रवाई की मांग की है। उनकी प्रमुख मांगें इस प्रकार हैं:

  • डिवाइडर का हटाया जाना: यातायात व्यवस्था के अनुसार यदि संभव हो, तो इस बाधा को पूरी तरह हटा दिया जाए।
  • सुरक्षा संकेतक: यदि डिवाइडर को हटाना संभव नहीं है, तो वहां तत्काल प्रभाव से ‘हाई-विजिबिलिटी रिफ्लेक्टर’ (High-Visibility Reflectors) लगाए जाएं।
  • चेतावनी बोर्ड: डिवाइडर से पहले बड़े चेतावनी संकेत बोर्ड (Warning Boards) और रात के समय चमकने वाली ‘फ्लैशिंग वार्निंग लाइट’ (Flashing Warning Lights) लगाई जाएं।

जिम्मेदार अधिकारी दे ध्यान

स्थानीय निवासियों का कहना है कि यदि समय रहते प्रशासन ने इस पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया, तो यहाँ कोई बड़ा हादसा हो सकता है। अब देखना यह है कि प्रशासन जनहित में इस मांग पर कितनी जल्दी अमल करता है।

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