रविवार, जनवरी 11 2026 | 07:40:12 PM
Breaking News
Home / स्वास्थ्य-शिक्षा / चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी उत्तर प्रदेश ने भारत का पहला एआई हेल्थकेयर हैकाथॉन किया आयोजित
Chandigarh University, Uttar Pradesh organized India's first AI Healthcare Hackathon

चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी उत्तर प्रदेश ने भारत का पहला एआई हेल्थकेयर हैकाथॉन किया आयोजित

चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी यूपी ने ‘क्वांटम फॉर भारत’ मिशन की शुरुआत की, भारत को ग्लोबल एआई और क्वांटम कंप्यूटिंग हब बनाने का लक्ष्य, चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी यूपी ने उत्तर प्रदेश सरकार के सहयोग से एआई कन्वर्जेंस समिट 2026 की मेज़बानी की

 

लखनऊ. भारत की पहली एआई-ऑगमेंटेड मल्टीडिसिप्लिनरी यूनिवर्सिटी, चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी उत्तर प्रदेश ने उत्तर प्रदेश सरकार के सहयोग से अपनी तरह के पहले एआई कन्वर्जेंस समिट 2026 का आयोजन किया। एआई कन्वर्जेंस समिट 2026, भारत सरकार द्वारा 19 और 20 फरवरी को नई दिल्ली में आयोजित की जा रही आगामी इंडिया एआई इम्पैक्ट ग्लोबल समिट 2026 के आधिकारिक प्री-रनअप इवेंट्स में से एक है।

 

https://www.newsvoir.com/images/article/image1/34309_Press_CU_Sumit.png

चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी यूपी द्वारा आयोजित एआई कन्वर्जेंस शिखर सम्मेलन में विचार विमर्श करते एआई एक्सपर्ट

चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी उत्तर प्रदेश द्वारा आयोजित इस एआई कन्वर्जेंस समिट 2026 में भारत सहित अमेरिका, डेनमार्क, जर्मनी और यूनाइटेड किंगडम के एआई और टेक्नोलॉजी एक्सपर्ट्स, पॉलिसीमेकर्स, ग्लोबल इंडस्ट्री लीडर्स, रिसर्चर्स, स्टार्ट-अप्स, वेंचर कैपिटलिस्ट्स, इन्वेस्टर्स और शिक्षाविदों ने एक मंच पर एकत्र होकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और क्वांटम कंप्यूटिंग जैसे उभरते क्षेत्रों में भारत और उसके नागरिकों के लिए अवसरों और चुनौतियों पर विचार-विमर्श किया।

एआई कन्वर्जेंस समिट 2026 के तहत, चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी उत्तर प्रदेश भारत का पहला एआई हेल्थकेयर हैकाथॉन भी आयोजित कर रही है, क्योंकि भारत सरकार द्वारा उत्तर प्रदेश राज्य को ‘हेल्थ एंड एआई’ की राष्ट्रीय थीम सौंपी गई है।

एआई कन्वर्जेंस समिट 2026 में अमेरिका, डेनमार्क, जर्मनी, भारत और यूके से आए 70 से अधिक एआई एक्सपर्ट्स, रिसर्चर्स, हेल्थकेयर एक्सपर्ट्स, स्टार्ट-अप लीडर्स, सीईओ, फाउंडर्स, अकादमिक विशेषज्ञ, सरकारी एजेंसियों के प्रतिनिधि और इनोवेटर्स ने सहभागिता की।

देशभर से 1,500 टीमों के 5,000 से अधिक युवा प्रतिभागी एआई हेल्थकेयर हैकाथॉन में हिस्सा ले रहे हैं, जहां युवा टेक्नोक्रेट्स और इंजीनियर्स द्वारा टेक्नोलॉजी-ड्रिवन एआई सॉल्यूशंस पर काम किया जा रहा है। हेल्थकेयर क्षेत्र से जुड़े 100 से अधिक प्रॉब्लम स्टेटमेंट्स सरकार और इंडस्ट्री द्वारा प्रस्तुत किए गए हैं, जिन पर एआई-ऑगमेंटेड समाधान हैकाथॉन के दौरान विकसित और चर्चा के माध्यम से तैयार किए जा रहे हैं।

एआई कन्वर्जेंस समिट 2026 के बारे में जानकारी देते हुए, सांसद एवं चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी उत्तर प्रदेश के चांसलर सतनाम सिंह संधू ने कहा, “इस समिट का आयोजन युवा इनोवेटर्स को एक ऐसा मंच प्रदान करने के लिए किया गया है, जहां वे ग्लोबल एआई इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स से सीधे संवाद कर सकें और एआई एवं क्वांटम कंप्यूटिंग में हो रही टेक्नोलॉजिकल एडवांसमेंट्स और उनके अनुप्रयोगों को समझ सकें। इसके साथ ही, एआई कन्वर्जेंस समिट आम नागरिकों को भी सरकार की उन पॉलिसीज़ और पहलों की जानकारी देता है, जिनके माध्यम से एआई की मदद से वेलफेयर स्कीम्स का अधिकतम लाभ सुनिश्चित किया जा रहा है।

उन्होंने आगे कहा, “यह समिट भारत के एआई पॉलिसी फ्रेमवर्क को रियल-वर्ल्ड डिप्लॉयमेंट से जोड़ने का प्रयास है, जिससे सरकार, अकादमिक जगत, इंडस्ट्री और स्टार्ट-अप इकोसिस्टम के बीच सहयोग को मजबूती मिल सके।

इस समिट में भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय, उत्तर प्रदेश सरकार, एमईआईटीवाय स्टार्ट-अप हब, इंडिया एआई और डिजिटल इंडिया की सक्रिय सहभागिता और सहयोग रहा, जो इस आयोजन को मजबूत संस्थागत और पॉलिसी समर्थन प्रदान करता है।

समिट के प्रमुख वक्ताओं में मुख्य अतिथि निवेदन राठी, फाउंडर, फ्यूचर एंड एआई; प्रसाद मेनन, सीईओ एवं प्रेसिडेंट, सीआईबीए, आईएसबीए; डॉ. पन्नीरसेल्वम मदनगोपाल, चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर, एमईआईटीवाय स्टार्ट-अप हब, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय; तेजा चिंतलपति, प्रिंसिपल मैनेजर, साइबर इनोवेशन, डेटा सिक्योरिटी काउंसिल ऑफ  इंडिया (डीएससीआई); जेबीवी रेड्डी, मिशन डायरेक्टर, नेशनल क्वांटम मिशन, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग, भारत सरकार; हिमांशु जोशी, डायरेक्टर, अटल इनोवेशन मिशन, नीति आयोग; और संजीव सिंह, जॉइंट सेक्रेटरी, डिपार्टमेंट फॉर प्रमोशन ऑफ इंडस्ट्री एंड इंटरनल ट्रेड (डीपीआईआईटी), वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय सहित अन्य अतिथि शामिल रहे।

समिट का प्रमुख आकर्षण “शेपिंग इंडिया’ज़ एआई एंड क्वांटम फ्यूचर: फ्रॉम पॉलिसी टू प्लेटफॉर्म्स” विषय पर आयोजित स्ट्रैटेजिक पॉलिसी डायलॉग रहा, जिसमें गवर्नेंस, डिफेंस, इंडस्ट्री, स्टार्ट-अप्स और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के संदर्भ में भारत की एआई और क्वांटम रणनीतियों के क्रियान्वयन पर चर्चा की गई। इस संवाद के माध्यम से उत्तर प्रदेश को इंडिया एआई इम्पैक्ट ग्लोबल समिट 2026 से पहले भारत की एआई और क्वांटम यात्रा में एक महत्वपूर्ण एग्जीक्यूशन पार्टनर के रूप में स्थापित किया गया।”

सांसद एवं चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी के चांसलर सतनाम सिंह संधू ने ग्लोबल एआई एक्सपर्ट्स के साथ मिलकर चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी की राष्ट्रीय पहल “क्वांटम फॉर भारत” का शुभारंभ किया। इस पहल का उद्देश्य क्वांटम कंप्यूटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर का निर्माण, एआई और क्वांटम कंप्यूटिंग के क्षेत्र में नेक्स्ट-जेन टैलेंट को तैयार करने के लिए ट्रेनिंग और अपस्किलिंग प्रोग्राम्स प्रदान करना, तथा युवा इनोवेटर्स के लिए रिसर्च और एंटरप्रेन्योरशिप को बढ़ावा देना है।

इस अवसर पर, चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी उत्तर प्रदेश के मैनेजिंग डायरेक्टर जय इंदर सिंह संधू ने कहा, “क्वांटम फॉर भारत मिशन के माध्यम से चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी का लक्ष्य स्कूल स्तर से लेकर यूनिवर्सिटी स्तर तक टैलेंट को विकसित करते हुए भारत को क्वांटम कंप्यूटिंग का ग्लोबल हब बनाना है। इसके साथ ही, यह पहल एआई और क्वांटम कंप्यूटिंग जैसे उभरते क्षेत्रों में भारतीय युवाओं के बीच स्टार्ट-अप्स और रिसर्च को भी सशक्त करेगी।”
चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी उत्तर प्रदेश ने अपनी राष्ट्रीय पहल “एआई फॉर ऑल” मिशन की भी शुरुआत की, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के देशभर में एआई लिटरेसी बढ़ाने के विज़न को आगे बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी का एआई फॉर ऑल मिशन पूरे भारत में विशेष ट्रेनिंग प्रोग्राम्स और वर्कशॉप्स के प्रसार पर कार्य करेगा, ताकि देश के युवा भविष्य की आवश्यक स्किल्स से सुसज्जित होकर अपनी एम्प्लॉयबिलिटी को और अधिक मजबूत कर सकें।

समिट के दौरान कई महत्वपूर्ण विषयों पर पैनल डिस्कशंस भी आयोजित की गईं, जिनमें “ऑपरेशनलाइजिंग द विज़न: उत्तर प्रदेश ऐज़ इंडिया’ज़ एआई एंड क्वांटम पावरहाउस”, “रिस्पॉन्सिबल एंड इनक्लूसिव एआई में इंडस्ट्री लीडरशिप”, “एआई में विमेन लीडरशिप”, “एआई-ऑगमेंटेड हेल्थकेयर”, “फ्रॉम लैब टू लॉन्च: बिल्डिंग एआई-फर्स्ट डीप-टेक स्टार्ट-अप्स” और “एआई इनोवेशन के लिए फंडिंग पाथवेज़” जैसे विषय शामिल रहे।

 

चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी, यूपीः सस्टेनेबिलिटी के कल्चर को प्रमोट करने के उद्देश्य से चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी, उत्तर प्रदेश, 21वीं सदी के शिक्षार्थियों को फ्यूचर-रेडी लर्निंग के थ्रू एक होलिस्टिक अकादमिक एक्सपीरियंस प्रोवाइड करती है, जहां एआई-पावर्ड अकादमिक मॉडल और शिक्षा के प्रति मल्टीडायमेंशनल एवं फ्यूचरिस्टिक पर्सपेक्टिव को प्रभावी रूप से इंटीग्रेट किया गया है। उत्तर प्रदेश स्थित इसका कैंपस, चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी, पंजाब की एक दशक से अधिक पुरानी विरासत को आगे बढ़ाते हुए इनोवेटिव पेडागॉजी और रिसर्च-ड्रिवन इनोवेशन का पायनियर बना हुआ है। सीयू का एआई-ऑगमेंटेड नया कैंपस इंडस्ट्री-ड्रिवन और फ्यूचरिस्टिक अकादमिक प्रोग्राम्स की एक विस्तृत रेंज प्रेज़ेंट करता है, जिसमें डेटा-ड्रिवन इनसाइट्स, वर्चुअल रियलिटी एक्सपीरियंसेज़, रियल-वर्ल्ड सिमुलेशन्स, कॉर्पोरेट मेंटरशिप, इंटरनेशनल पर्सपेक्टिव, इंटरडिसिप्लिनरी रिसर्च, एंटरप्रेन्योरियल स्पिरिट का विकास और प्रोफेशनल कॉम्पिटेंसीज़ शामिल हैं।

अधिक जानकारी के लिए, कृपया देखें: www.culko.in.

Check Also

आईजेएसओ में एलन स्टूडेंट्स को एक गोल्ड, दो सिल्वर मेडल

एलन ने किया ओलंपियाड चैंपियंस का सम्मान कोटा. एलन करियर इंस्टिट्यूट प्राइवेट लिमिटेड के स्टूडेंट्स …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *