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बढ़ सकती है आयकर रिटर्न भरने की समय सीमा

मुंबई. इन्फोसिस द्वारा नए आयकर पोर्टल में कुछ तकनीकी समस्याओं को दूर करने के बाद कर रिटर्न में तेजी आई है लेकिन केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) करदाताओं को आ रही दिक्कतों के मद्देनजर रिटर्न भरने की समयसीमा बढ़ा सकता है। बीते चार दिन से रोजाना 5 लाख से ज्यादा रिटर्न भरे जा रहे हैं जबकि 21 अगस्त से दो दिन तक पोर्टल पूरी तरह से ठप था। सीबीडीटी के एक वरिष्ठï अधिकारी ने बिजनेस स्टैंडर्ड को बताया कि सरकार कर रिटर्न की कुछ अहम तिथियों को आगे बढ़ा सकती है। इसका मकसद करदाताओं को अनुपालन के लिए पर्याप्त समय देना है। अधिकारी ने कहा, ‘नए पोर्टल की तकनीकी खामियों के कारण होने वाली देरी का भी हम निश्चित तौर पर ध्याल रख रहे हैं। तिथियों को आगे बढ़ाने के बारे में एक-दो दिन में निर्णय लिया जाएगा।’

वित्त वर्ष 2020-21 के लिए अब तक 80 लाख रिटर्न भरे जा चुके हैं, जो 2019-20 के अंतिम दिन तक भरे गए कुल कर रिटर्न का करीब 8 फीसदी है। सीबीडीटी पोर्टल पर रोजाना भरे गए कर रिटर्न के आंकड़े भी जारी करेगा। एक अधिकारी ने कहा, ‘अभी रिटर्न भरने की अंतिम तिथि करीब नहीं आई है। ऐसे में 80 लाख रिटर्न अच्छा आंकड़ा है। इससे यह संकेत भी मिलता है कि पोर्टल की समस्या दूर हो रही है।’

वेतनभोगियों और ऐसे लोगों जिनके खातों को ऑडिट करने की जरूरत नहीं होती है, उनके लिए रिटर्न भरने की समयसीमा 31 जुलाई से बढ़ाकर 30 सितंबर पहले ही कर दी गई है। ऑडिट वाले खातों (खास तौर पर कंपनियां) के लिए अंतिम तारीख 30 सितंबर से बढ़ाकर 30 नवंबर की गई है।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने नए आयकर पोर्टल बनाने वाली कंपनी इन्फोसिस को 15 सितंबर तक पोर्टल की सभी खामियों को दूर करने के निर्देश दिए हैं। हालांकि इसका मतलब है कि अगर समयसीमा नहीं बढ़ती है तो व्यक्तिगत करदाताओं के पास रिटर्न भरने के लिए केवल 15 दिन होंगे। 50 लाख रुपये से कम सालाना आय वाले व्यक्तिगत करदाताओं को आईटीआर-1 सहज फॉर्म भरना होता है।

आईटीआर-4 संगम फॉर्म व्यक्तिगत, अविभाजित हिंदू परिवारों और फर्मों के लिए है, जिनकी कुल आय 50 लाख रुपये तक है और उन्हें कारोबार तथा पेशे से आय होती है। वित्त वर्ष 2019-20 में व्यक्तिगत करदाताओं के लिए जनवरी में करीब 5.8 करोड़ आयकर रिटर्न भरे गए थे और अंतिम दिन करीब 20 लाख रिटर्न भरे गए थे। पिछले साल कोविड की वजह से सरकार ने रिटर्न भरने की समयसीमा को कई बार बढ़ाकर 10 जनवरी कर दिया था।

नांगिया एंडरसन एलएलपी में पार्टनर संदीप झुनझुनवाला ने कहा कि नया आयकर पोर्टल आने के बाद से सरकार ने फॉर्म की अनुपलब्धता या तकनीकी खामियों की वजह से समयसीमा में इजाफा किया है। हालांकि अब सरकार ने इन्फोसिस को पोर्टल की समस्या 15 सितंबर तक दूर करने के निर्देश दिए हैं और व्यक्तिगत करदाताओं के कर रिटर्न की अंतिम तिथि 30 सितंबर है। ऐसे में उनके पास रिटर्न भरने के लिए केवल 15 दिन होंगे। ऐसे में ज्यादा लोगों के आने पर वेबसाइट ठप होने का जोखिम पैदा हो सकता है।

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