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देसी वीडियो ऐप की बढ़ रही लोकप्रियता

नई दिल्ली.: स्वदेशी शॉर्ट वीडियो कंपनियों की लोकप्रियता बढ़ती ही जा रही है। हालांकि जून 2020 से पहले स्थिति अलग थी जब इस मैदान में चीन के वीडियो ऐप टिकटॉक का दबदबा था। मगर जब से भारत सरकार ने चीन के इस ऐप पर पाबंदी जड़ी है तब से देसी वीडियो ऐप की लॉटरी लग गई है। इस समय देश भर में इन देसी वीडियो ऐप के 24 करोड़ से अधिक सक्रिय उपयोगकर्ता हो गए हैं।
टिकटॉक का नुकसान स्पष्ट रूप से इन कंपनियों का फायदा साबित हुआ है। टिकटॉक की लोकप्रियता जब चरम पर थी तब उसके 17 से 20 करोड़ सक्रिय उपयोगकर्ता थे। इनमें हरेक महीने धड़ाधड़ बढ़ोतरी हो रही थी। बात इतने पर ही खत्म नहीं हो रही थी। टिकटॉक पर 2 करोड़ से अधिक लोग सक्रिय तौर परसामग्री डाल रहे थे और हर महीने कम से कम एक वीडियो अवश्य डालते थे। अब भारतीय वीडियो ऐप ने सामग्री बनाने वाले लोगों को अच्छी खासी संख्या में जोड़ लिया है। देसी ऐप टकाटक के साथ जुड़े ऐसे लोगों की संख्या इस समय 90 लाख से 1.2 करोड़ है जबकि मोज के मामले में यह संख्या बढ़कर 1 करोड़ से लेकर 1.5 करोड़ तक हो जाती है।

जिन देसी कंपनियों ने टिकटॉक पर प्रतिबंध के बाद खाली हुई जगह में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है उनमें शेयरचैट भी है, जिसने मोज की भी शुरुआत की है। एमएक्स प्लेयर ने एमएक्स टकाटक की शुरुआत की है। इसी तरह डेलीहंट ने जोश नाम से वीडियो ऐप उतारा है। शेयरचैट ने अब तक 1.2 अरब डॉलर रकम जुटाई है। एमएक्स प्लेयर में टाइम्स ऑफ इंडिया ने भी आंशिक रूप से निवेश किया है। देसी के साथ कई विदेशी कंपनियां भी इस श्रेणी में मौजूद हैं। इनमें फेसबुक की रील और गूगल शॉट्र्स शामिल हैं।

एक दिलचस्प बात यह देखने में आई है कि  अलग-अलग शहरों में अलग-अलग शॉर्ट वीडियो ऐप के मुरीद बैठे हैं। उदाहरण के लिए फेसबुक  देश के महानगरों एवं बड़े शहरों में लोकप्रिय है जबकि देसी वीडियो ऐप कंपनियों के मुरीद छोटे शहरों में अधिक हैं। जेफरीज एवं रेडसियर की एक रिपोर्ट के अनुसार शीर्ष 50 शहरों के बाद दूसरे शहरों में उपभोक्ता शॉर्ट वीडियो देखने में 9 प्रतिशत समय (ऑनलाइन सामग्री देखने पर व्यतीत कुल समय का) देते हैं। इसकी तुलना में देश के शीर्ष 50 शहरों में उपयोगकर्ता इससे कम समय (केवल 4 प्रतिशत) देते हैं। रेडसियर के अनुसार देश के शीर्ष 50 शहरों के इतर ऐसे वीडियो ऐप देखने वाले लोगों की संख्या यूट्यूब, ई-कॉमर्स कंपनियों जैसे एमेजॉन और हॉटस्टार जैसी ओटीटी कंपनियों से अधिक है।

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