शुक्रवार, मार्च 20 2026 | 08:47:51 AM
Breaking News
Home / बाजार / पिटाई के बाद अब महंगे नहीं हैं मिडकैप शेयर

पिटाई के बाद अब महंगे नहीं हैं मिडकैप शेयर

जयपुर. बीते एक साल में सिर्फ निडर निवेशकों ने ही मिडकैप शेयरों पर दांव खेलने की हिम्मत दिखाई होगी। कार्पोरेट गवर्नेंस के आरोपों और कमाई में ग्रोथ के लिए जूझ रही मिडकैप कंपनियों के शेयरों ने निवेशकों को कई जख्म दिए। इस दौरान उनकी रेटिंग में भी गिरावट आई। पिछले साल जनवरी में शिखर पर पहुंचने के बाद मिडकैप शेयर बेहताशा टूटे। एक साल बाद बाजार संभलता दिख रहा है। ऐसे में मिडकैप शेयर निवेशकों को फिर आकर्षित कर रहे हैं। इसकी सबसे बड़ी वजह यह है कि उनकी वैल्यूएशन घटी है। इसका अर्थ यह है कि मिडकैप शेयर अब महंगे नहीं हैं। निफ्टी मिडकैप  100 और निफ्टी 50 इंडेक्स के बीच वैल्यूएशन के मामले में अंतर मई 2014 के बाद पहली दफा डिस्काउंट के स्तर पर पहुंचा है। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स निफ्टी 50 इंडेक्स के मुकाबले 8 फीसदी के डिस्काउंट पर कारोबार कर रहा है। इसका प्राइस टू अर्निंग अनुपात 15.85 गुना है, जो 10 साल की लंबी अवधि के औसत से काफी कम है। ब्लूमबर्ग के आंकड़ों के अनुसार साल 2020 तक निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स की अनुमानित ग्रोथ दर 23 फीसदी मानी जा रही है।

Check Also

BSE Sensex completes 40 years, established as the country's economic indicator

बीएसई सेंसेक्स के 40 साल पूरे, देश के आर्थिक सूचक के रूप में हुआ स्थापित

मुंबई. एशिया के सबसे पुराने स्टॉक एक्सचेंज बीएसई (बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज) ने शुक्रवार को मुख्य …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *