जयपुर। राजस्थान में घरेलू गैस सिलेंडरों के कमर्शियल उपयोग और अवैध रिफिलिंग करने वालों की अब खैर नहीं। राज्य सरकार के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग ने प्रदेश भर में 16 फरवरी से 27 फरवरी तक एक विशेष प्रवर्तन अभियान चलाने का निर्णय लिया है। इस 12 दिवसीय अभियान के तहत हर जिले में गैस एजेंसियों से लेकर होटल-ढाबों तक सघन जांच की जाएगी।
इन जगहों पर होगी ‘सर्जिकल स्ट्राइक’
सरकार के निशाने पर वे तमाम प्रतिष्ठान हैं जहाँ घरेलू गैस (LPG) का दुरुपयोग होने की आशंका है। विभाग की टीमें निम्नलिखित स्थानों पर औचक निरीक्षण करेंगी:
- होटल, ढाबे और रेस्टोरेंट
- मिठाई की दुकानें (हलवाई)
- औद्योगिक इकाइयाँ और फैक्ट्रियां
- गैस एजेंसियां और गोदाम
अभियान के मुख्य उद्देश्य
इस विशेष अभियान का मकसद रसोई गैस की कालाबाजारी को रोकना और आम उपभोक्ताओं के हक की रक्षा करना है। विभाग मुख्य रूप से इन गतिविधियों पर नजर रखेगा:
- व्यवसायिक दुरुपयोग: घरेलू सिलेंडरों का कमर्शियल जगहों पर इस्तेमाल रोकना।
- अवैध रिफिलिंग: एक सिलेंडर से दूसरे में गैस भरने के खतरनाक खेल को खत्म करना।
- अवैध भंडारण: तय सीमा से अधिक सिलेंडरों को छिपाकर रखने वालों पर कार्रवाई।
- कालाबाजारी: ऊंचे दामों पर गैस बेचने और अवैध परिवहन पर लगाम।
कलेक्टरों को मिले सख्त निर्देश
राज्य सरकार ने सभी जिला कलेक्टरों और रसद विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे टीमें गठित कर प्रतिदिन की रिपोर्ट मुख्यालय भेजें। सूत्रों के अनुसार, यदि किसी होटल या फैक्ट्री में घरेलू सिलेंडर पाया जाता है, तो न केवल सिलेंडर जब्त किया जाएगा, बल्कि संबंधित के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम (Essential Commodities Act) के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।
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