मुंबई. इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 के आधिकारिक प्री-समिट कार्यक्रम के तहत, रिलायंस फाउंडेशन ने सेंट्रल स्क्वायर फाउंडेशन के साथ मिलकर जियो इंस्टीट्यूट, नवी मुंबई में एआई इन एजुकेशन पर उच्च स्तरीय संवाद आयोजित किया। इसमें सामाजिक संगठनों, एडटेक, अकादमिक जगत और निजी क्षेत्र से जुड़े 50 से अधिक विशेषज्ञ शामिल हुए।
संवाद में इस बात पर सहमति बनी कि एआई-सक्षम एडटेक को केवल अलग-अलग टूल्स तक सीमित न रखते हुए शिक्षा प्रणाली में समग्र रूप से शामिल किया जाना चाहिए, ताकि कम संसाधन और बहुभाषी परिवेश में भी समावेशी और प्रभावी सीखने के परिणाम हासिल किए जा सकें।
जियो के चीफ डेटा साइंटिस्ट एवं जियो इंस्टीट्यूट के डीन डॉ. शैलेश कुमार ने कहा कि एआई युग में शिक्षा को पर्सनलाइज्ड और छात्र-केंद्रित बनाना समय की आवश्यकता है।
संवाद में एआई आधारित शिक्षा के प्रभावी उपयोग पर लिफ्टएड एडटेक एक्सेलरेटर जैसे कार्यक्रमों के भी अनुभव साझा किए गए। रिलायंस फाउंडेशन की डॉ. वनीता शर्मा ने कहा कि प्रभावी एआई-आधारित शिक्षा के लिए संदर्भ-आधारित डिज़ाइन और जमीनी वास्तविकताओं की समझ जरूरी है। इस संवाद से निकली सिफारिशें इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में राष्ट्रीय और वैश्विक चर्चाओं को दिशा देंगी।
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