चित्रों में दिखे पूर्वोत्तर भारत की कला-संस्कृति की छटा – डॉ. दलवी
जयपुर। पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र उदयपुर के निदेशक डॉ. अश्विन एम. दलवी ने कहा कि ‘ऑक्टेव-2026’ के आयोजन का उद्देश्य पूर्वोत्तर भारत की लोक कला और संस्कृति से देश के अन्य प्रदेशों के लोगों को अवगत करवाने का है।
डॉ. दलवी केन्द्रीय ने संस्कृति मंत्रालय के अंतर्गत पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र, उदयपुर द्वारा राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर में आरआईसी के सहयोग से 1 से 4 अक्टूबर तक आयोजित होने जा रहे ‘ऑक्टेव-2026’ के तहत सोमवार से आरआईसी के लोअर ग्राउंड एग्जीबिशन हॉल नं. 3 में शुरू हुए सात दिवसीय पेंटर्स कैंप के उद्घाटन कार्यक्रम में कैंप में शामिल चित्रकारों का आह्वान किया कि प्रयास रहे, आपकी पेंटिंग्स में पूर्वोत्तर भारत की कला और संस्कृति की छटा राजस्थान, विशेषकर जयपुर के कला प्रेमियों को देखने को मिले। उन्होंने कहा कि इस शिविर और पहले बनाए गए प्रतिभागी चित्रकारों के चित्रों की प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी। उन्होंने ‘ऑक्टेव 2026’ के आयोजन में मिल रहे आरआईसी और राष्ट्रीय ललित कला अकादमी के सहयोग के लिए आभार जताया।
पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र, उदयपुर के पूर्व निदेशक फुरकान खान ने पेटिंग कैंप और पेंटिंग्स एग्जीबिशन के डॉ. दलवी के निर्णय की तारीफ की और ‘ऑक्टेव’ के आयोजन के संबंध में जानकारी दी। कार्यक्रम को आरआईसी की डिप्टी सेक्रेटरी अनुपमा गोयल और भारतीय वन सेवा के सेवानिवृत्त अधिकारी अजय गुप्ता ने भी संबोधित किया।
इस शिविर में त्रिपुरा से अभिजीत भट्टाचार्य, निशान कुरी, असम से कौशिक कुंडू व प्रियम तालुकदार, मेघालय से बनियार्जिंगमुत जी एल मावफलंग एवं ए. इमोजेन फ्रांसेस्का वाहलांग, अरुणाचल प्रदेश से मारबा कामकी और एजुम रीबा, मिजोरम से वी. लालजाव्मकिया तथा मणिपुर से राहुलदेव सीरम भाग ले रहे हैं ।
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