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Tax filing will be done on Jio-Finance app for just Rs 24

जियो-फाइनेंस ऐप पर सिर्फ 24 रु में होगी टैक्स फाइलिंग

टैक्स एक्सपर्ट की सहायता से टैक्स फाइलिंग 999 रु से शुरु, ऐप पर रिफंड ट्रैकिंग और टैक्स नोटिस अलर्ट भी मिलेंगे

मुंबई. भारत में करदाताओं के लिए टैक्स फाइलिंग और वित्तिय प्लानिंग अब बेहद आसान होने वाली है। जियो-फाइनेंस ऐप ने टैक्स फाइलिंग और टैक्स प्रबंधन के फ़ीचर से लैस एक मॉड्यूल लॉन्च किया है। मात्र 24 रु कीमत से शुरू होने वाले ये मॉड्यूल्स जियोफाइनेंस ऐप पर ग्राहकों के लिए उपलब्ध हैं। जियो-फाइनेंस ने यह नया फ़ीचर ‘टैक्सबडी’ के साथ साझेदारी में विकसित किया है। ‘टैक्सबडी’ ऑनलाइन टैक्स फाइलिंग और सलाहकार सेवा के लिए जाना जाता है।
इस मॉड्यूल में दो मुख्य फ़ीचर शामिल हैं – टैक्स प्लानर और टैक्स फाइलिंग। टैक्स फाइलिंग सुविधा पुरानी और नई कर-व्यवस्थाओं के बीच भ्रम को दूर करने के लिए डिज़ाइन की गई है, यह ग्राहकों को 80C और 80D जैसी धाराओं के तहत टैक्स का हिसाब किताब करके और टैक्स बचाने में मदद करती है। इसका इस्तेमाल काफी सरल व किफ़ायती है, यह महंगे बिचौलियों पर निर्भरता को खत्म करता है।
दूसरा फीचर है – टैक्स प्लानर, जो भविष्य की टैक्स देनदारियों का अनुमान लगाने और उन्हें कम करने में मदद करता है। माड्यूल के तहत यूजर टैक्स फाइलिंग के लिए, या तो स्वयं रिटर्न दाखिल करने या विशेषज्ञ-सहायता प्राप्त फाइलिंग का विकल्प चुन सकता है। ऐप पर स्वंय टैक्स फाइलिंग माड्यूल 24 रु से, और टैक्स एक्सपर्ट की सहायता से टैक्स फाइलिंग सुविधा 999 रु से शुरू होती है।
जियो फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड के प्रबंध निदेशक और सीईओ हितेश सेठिया ने कहा, “टैक्स दाखिल करने की समय सीमा नज़दीक आने के साथ, हमारा लक्ष्य उन सभी जटिलताओं को दूर करना है, जो टैक्स फाइलिंग से जुड़ी होती हैं। ग्राहकों को प्रभावी टैक्स प्लानिंग सेवाएं देना भी उतना ही महत्वपूर्ण है, जिससे वे पूरे वित्तीय वर्ष में अपने टैक्स देनदारी को बेहतर तरीके से जान सकें। इस मॉड्यूल के लॉन्च से सुलभ, डिजिटल-फर्स्ट वित्तीय समाधान प्रदान करने के हमारे प्रयास में एक और आयाम जुड़ गया है।”
ऐप के माध्यम से उपयोगकर्त्ता आईटीआर दाखिल करने के बाद, रिटर्न की स्थिति की निगरानी कर सकते हैं, रिफंड ट्रैक कर सकते हैं और किसी भी टैक्स-संबंधी नोटिस का अलर्ट देख सकते हैं। मॉड्यूल में इनकम दर्ज करने से लेकर दस्तावेज़ अपलोड करने और सही टैक्स व्यवस्था चुनने तक, पूरी प्रक्रिया सरल है व हर कदम पर उपभोक्ता का मार्गदर्शन करती है।

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