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U-turn on cut in interest rates

ब्याज दरों में कटौती पर यू-टर्न

नई दिल्ली। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Union Finance Minister Nirmala Sitharaman) ने लोक भविष्य निधि (Public Provident Fund) (पीपीएफ) (PPF) जैसी लघु बचत योजनाओं पर ब्याज दरों में कटौती के निर्णय को आज वापस लेने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि ‘चूक’ के कारण ब्याज दरों में कटौती की अधिसूचना जारी हुई थी। सीतारमण ने ट्वीट किया, ‘भारत सरकार की लघु बचत योजनाओं पर ब्याज दर (Interest Rates on Small Savings Schemes 2021) वही रहेगी जो 2020-2021 की अंतिम तिमाही में थी, यानी जो दरें मार्च 2021 तक थीं। पहले दिया गया आदेश वापस लिया जाएगा।’

कटौती के आदेश के करीब 12 घंटे बाद वापस लेने की घोषणा

आर्थिक मामलों के विभाग द्वारा ब्याज दरों में कटौती के आदेश के करीब 12 घंटे बाद वित्त मंत्री ने इसे वापस लेने की घोषणा की। बाद में आर्थिक मामलों का विभाग ने लघु बचत योजनाओं की ब्याज दरों (Interest Rates on Small Savings Schemes 2021) में कटौती के फैसले को निरस्त करने का औपचारिक आदेश जारी किया। इससे विपक्षी दलों को मौका मिल गया और उन्होंने आरोप लगाया कि चार राज्यों में जारी विधानसभा चुनावों को देखते हुए ऐसा किया गया है।

लघु बचत योजनाओं पर ब्याज दरों में कटौती की घोषणा की थी

सरकार ने बुधवार को नए वित्त वर्ष की पहली तिमाही के लिए लघु बचत योजनाओं पर ब्याज दरों (Interest Rates on Small Savings Schemes 2021) में 50 से 100 आधार अंक की कटौती की घोषणा की थी। बीते एक साल में यह दूसरा मौका था जब लघु बचत पर ब्याज दरें घटाई गईं हैं। इससे पहले 2020-21 की अप्रैल-जून तिमाही के लिए लघु बचत योजनाओं पर ब्याज दरों (Interest Rates on Small Savings Schemes 2021) में 70 से 140 आधार अंक की कमी की गई थी। वित्त मंत्री के बयान से स्पष्ट है कि लोक भविष्य निधि (पीपीएफ) पर ब्याज दर (PPF interest rate) पहले की तरह 7.1 फीसदी बरकरार रहेगी जबकि बुधवार को इसे घटाकर 6.4 फीसदी किया गया था। अन्य लघु बचत योजनाओं पर भी ब्याज दरें पहले की तरह ही बनी रहेंगी।

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