बिठुजा व बालोतरा सीईटीपी प्लांट का किया निरीक्षण, प्लांट इंजीनियर्स से कार्यप्रणाली की ली जानकारी, DIG देवेंद्र कुमार विश्नोई के नेतृत्व पहुचीं टीम, बालोतरा एसपी रमेश,पंकज यादव,कमांडेंट RAC प्रथम,एसपी रमेश,डीएसपी अनिल पुरोहित भी मौजूद
बालोतरा. नदियों में फैल रहे जानलेवा रासायनिक प्रदूषण की समस्या पर इस बार सुप्रीम कोर्ट बेहद सख्त मूड में है। उच्चतम न्यायालय के इस कड़े रुख के बाद बालोतरा जिला प्रशासन भी पूरी तरह अलर्ट मोड पर नजर आ रहा है। मानसून सत्र की शुरुआत से ठीक पहले लूणी नदी के अस्तित्व को बचाने और इसके बहाव क्षेत्र को प्रदूषण मुक्त करने के लिए बड़े पैमाने पर कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
कलेक्टर सुशील कुमार यादव के कड़े निर्देश पर पॉल्यूशन बोर्ड की संयुक्त टीम ने लूणी नदी के बहाव क्षेत्र सहित बालोतरा-बिठूजा व जसोल एचआरटीएस के आस-पास के इलाकों में दबिश दी। टीम ने चतुर्थ चरण से गुजर रही जेरला रोड, राणी रूपादे मंदिर के समीप और खेड़ सहित अन्य कई संवेदनशील जगहों पर खुले में अवैध रूप से डाली गई स्लज के सैंपल लिए हैं। इसके साथ ही इन दूषित जगहों को चिह्नित कर जिला प्रशासन को तीन दिन में रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए। रिपोर्ट जोधपुर की उच्च स्तरीय पारिस्थितिकी तंत्र निरीक्षण समिति के नोडल अधिकारी को सौंपी जाएगी।
बालोतरा कलेक्टर ने बनाई संयुक्त कमेटी, अब लापरवाही बरती तो खैर नहीं
उच्च स्तरीय पारिस्थितिकी तंत्र निरीक्षण समिति जोधपुर के निर्देशों की पालना में कलेक्टर सुशील कुमार यादव ने एक संयुक्त क्षेत्रीय कमेटी का गठन किया है। कमेटी में तहसीलदार पचपदरा व क्षेत्रीय अधिकारी पॉल्यूशन बोर्ड,वरिष्ठ क्षेत्रीय प्रबंधक रीको व आयुक्त नगर परिषद बालोतरा, अधिशाषी अधिकारी नगरपालिका जसोल व सहायक अभियंता जल संसाधन विभाग,सदस्य सचिव सीईटीपी बालोतरा-जसोल व बिठूजा को शामिल किया गया है। जोजरी, बांडी और लूणी नदी में फैक्ट्रियों से निकलने वाले जहरीले और रासायनिक पानी के अवैध बहाव को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने स्वतः संज्ञान लिया है।
कोर्ट द्वारा गठित विशेष कमेटी की सर्वे रिपोर्ट के बाद अब नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जा रही है। प्रदूषण की भयावह स्थिति पर पूरी तरह अंकुश लगाने के लिए रिटायर्ड जस्टिस संगीत लोढा की अध्यक्षता में गठित विशेष कमेटी अब तक चार बार बालोतरा का दौरा कर निरीक्षण कर चुकी है। वहीं, राज्य सरकार के निर्देश पर गठित विशेष जांच दल ने भी एसटीपी प्लांट और एचआरटीएस का बारीकी से जायजा लिया है।
राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल की टीम ने बिठूजा से लेकर बालोतरा और तिलवाड़ा सरहद तक सघन सर्वे चलाकर दूषित जगहों को चिह्नित किया है। वर्तमान में रीको औद्योगिक क्षेत्र, जेरला रोड, खारोड़िया बेरा, मेगा हाईवे गोविंद गोशाला, पुराना चोंच मंदिर, गांधीपुरा के समीप छतरियों का मोर्चा, जसोल ब्रिज और खेड़ सरहद समेत विभिन्न जगहों पर भारी मात्रा में स्लज और गंदगी पसरी हुई है। अब चार विभागों को इसकी जिम्मेदारी सौंपी है।
^कलेक्टर के निर्देश पर संयुक्त कमेटी गठित की गई है। हमारी टीम लूणी नदी के बहाव क्षेत्र, जेरला, खेड़ सरहद, औद्योगिक क्षेत्र सहित खुले भूभाग में डाली गई स्लज का सैंपल लेने के साथ ही जगह चिह्नित कर रही है। साथ ही नदी में डाले गए कूड़े को हटाने के लिए जगह चिह्नित की गई है। मानसून सत्र से पहले से स्लज व गंदगी को हटाया जाएगा।
– पीयूष कुमार, सहायक अभियंता, राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल
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