उद्यमियों ने जिला कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन; उद्योग शुरू कराने की मांग
बालोतरा। राजस्थान के प्रमुख टेक्सटाइल हब बालोतरा की कपड़ा उद्योग इकाइयां पिछले 45 दिनों से बंद होने के कारण उद्योग जगत में चिंता लगातार बढ़ती जा रही है। उद्योग बंद रहने से हजारों श्रमिकों, व्यापारियों और उद्यमियों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। इसी मुद्दे को लेकर बुधवार को बालोतरा के उद्यमियों ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर उद्योगों को शीघ्र शुरू कराने की मांग की।
दरअसल, नदियों में प्रदूषण को लेकर सुप्रीम कोर्ट के सख्त रुख के बाद राजस्थान प्रदूषण नियंत्रण मंडल (RPCB) ने आगामी आदेश तक कपड़ा उद्योगों के संचालन पर रोक लगाने के निर्देश जारी किए थे। इसके बाद से क्षेत्र की अधिकांश प्रोसेस हाउस और कपड़ा इकाइयां बंद हैं।
ज्ञापन में उद्यमियों ने कहा कि उद्योग लंबे समय से बंद होने के कारण करोड़ों रुपये का उत्पादन प्रभावित हुआ है। निर्यात और घरेलू बाजार के ऑर्डर समय पर पूरे नहीं हो पा रहे हैं, जिससे व्यापारिक प्रतिष्ठा पर भी असर पड़ रहा है। इसके अलावा हजारों श्रमिकों की रोजी-रोटी पर संकट गहरा गया है और कई छोटे उद्योग आर्थिक दबाव का सामना कर रहे हैं।
उद्यमियों ने जिला प्रशासन से आग्रह किया कि राज्य सरकार और संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर उद्योगों को जल्द से जल्द शुरू कराने की दिशा में प्रभावी पहल की जाए। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सभी उद्योग सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों तथा पर्यावरण संबंधी सभी नियमों का पूर्ण पालन करेंगे।
उद्यमियों का कहना है कि वे प्रदूषण नियंत्रण के लिए आवश्यक तकनीकी सुधार, अपशिष्ट जल के वैज्ञानिक निस्तारण और अन्य निर्धारित मानकों का पालन करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। उनका उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण और औद्योगिक विकास के बीच संतुलन बनाए रखना है।
जिला प्रशासन ने उद्यमियों का ज्ञापन प्राप्त कर उनकी मांगों को राज्य सरकार और संबंधित विभागों तक पहुंचाने का आश्वासन दिया है। अब उद्योग जगत की निगाहें आगामी निर्णय पर टिकी हैं। यदि जल्द समाधान नहीं निकला तो इसका असर स्थानीय अर्थव्यवस्था, रोजगार और वस्त्र कारोबार पर और अधिक गहरा पड़ सकता है।
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