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HDFC Bank penalizes its officer for accidentally selling shares

एचडीएफसी बैंक के पूर्व चेयरमैन अतानु चक्रवर्ती ने लीगल रिव्यू पर उठाए सवाल, रिपोर्ट्स को बताया ‘अनावश्यक’

मुंबई. एचडीएफसी बैंक की ओर से पूर्व चेयरमैन अतानु चक्रवर्ती के इस्तीफे के रिव्यू के लिए नियुक्त की गई लीगल फर्मों vने काफी नियम एवं शर्तों के साथ रिपोर्ट जमा की है। इसमें बैंक के इंटरव्यू और बोर्ड मीटिंग के मिनट्स पर फोकस किया गया है। यह जानकारी चक्रवर्ती के हवाले से एक रिपोर्ट में दी गई।

चक्रवर्ती ने कहा कि उनका इस्तीफा बैंक की कुछ बिजनेस प्रैक्टिस और पर्सनल वैल्यू में अंतर को लेकर था और इसके जरिए कोशिश बैंक को अंतरिक समीक्षा के लिए प्रेरित करना था। लेकिन उनका कहना है कि लॉ फर्मों ने इसके बजाय अनुपालन के पहलू पर ध्यान केंद्रित किया।

चक्रवर्ती का कहना है कि उन्होंने कई बार बैंक से पूछा कि आखिर किस कानूनी प्रावधान और शर्तें के तहत इन लॉ फर्मों को नियुक्त किया गया, लेकिन बोर्ड ने यह जानकारी उन्हें कभी नहीं दी। इसी वजह से उन्होंने इस पूरी कानूनी कवायद को अनावश्यक बताया।

एटी-1 बॉन्ड मिस-सेलिंग मामले पर चक्रवर्ती ने बताया कि दुबई का एटी-1 बॉन्ड मिस-सेलिंग मामला उनके कार्यकाल में सामने आया था। लेकिन बैंक ने उस समय तेजी से सुधारात्मक कदम उठाए थे।

चक्रवर्ती ने यह बताने से इनकार कर दिया कि बैंक की कौन-सी कारोबारी प्रथाएं उनके मूल्यों के खिलाफ थीं। साथ ही कहा कि बोर्डरूम की बातें बोर्डरूम तक ही रहनी चाहिए।

पार्ट-टाइम चेयरमैन और इंडिपेंडेंट डायरेक्टर अतानु चक्रवर्ती ने अपने पद से 18 मार्च को इस्तीफा दिया था।

2021 में बैंक के बोर्ड में शामिल हुए चक्रवर्ती ने इस्तीफे में पिछले दो वर्षों में बैंक के भीतर हुए कुछ घटनाक्रमों पर चिंता व्यक्त की थी

इस दौरान उन्होंने कहा, “पिछले दो वर्षों में मैंने बैंक के भीतर कुछ ऐसी घटनाएं और कार्यप्रणालियां देखी हैं जो मेरे व्यक्तिगत मूल्यों और नैतिकता के अनुरूप नहीं हैं। यही मेरे उपरोक्त निर्णय का आधार है। मैं पुष्टि करता हूं कि मेरे इस्तीफे का उपरोक्त कारणों के अलावा कोई अन्य ठोस कारण नहीं है।”

 

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