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Awareness program organized at Fortis Escorts Hospital on World Breastfeeding Week

विश्व स्तनपान सप्ताह पर फोर्टिस एस्कॉर्ट्स हॉस्पिटल में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

इंटर-स्टाफ पोस्टर प्रतियोगिता, क्विज़ एवं विशेषज्ञों की पैनल चर्चा के माध्यम से दिया स्तनपान का संदेश

जयपुर। विश्व स्तनपान सप्ताह के अवसर पर फोर्टिस एस्कॉर्ट्स हॉस्पिटल, जयपुर द्वारा मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सप्ताहभर विभिन्न जागरूकता गतिविधियों का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन *डॉ. श्याम सुंदर शर्मा, कंसल्टेंट – नियोनेटोलॉजी* , फोर्टिस एस्कॉर्ट्स हॉस्पिटल, जयपुर के मार्गदर्शन में किया गया।

कार्यक्रम की शुरुआत इंटर-स्टाफ पोस्टर प्रतियोगिता से हुई, जिसमें अस्पताल के विभिन्न विभागों के कर्मचारियों ने स्तनपान के महत्व, नवजात शिशु के पोषण एवं मातृ स्वास्थ्य से जुड़े संदेशों को रचनात्मक पोस्टर्स के माध्यम से प्रस्तुत किया। प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले तीन प्रतिभागियों को विजेता घोषित कर सम्मानित किया गया। प्रथम पुरस्कार सिमरन शर्मा, द्वितीय पुरस्कार श्वेता दिनेश एवं तृतीय पुरस्कार सोनूजा को दिया गया।

6 अगस्त को आयोजित समापन समारोह में क्विज़ प्रतियोगिता, विशेषज्ञों की पैनल चर्चा तथा प्रतिभागियों के लिए आकर्षक गिफ्ट हैम्पर्स का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य अस्पताल के चिकित्सकों, नर्सिंग स्टाफ एवं अन्य स्वास्थ्यकर्मियों के बीच स्तनपान से संबंधित नवीनतम जानकारी साझा करना तथा समाज में इसके प्रति जागरूकता बढ़ाना था।
विशेषज्ञ पैनल चर्चा में *डॉ. शालू कक्कड़, एडिशनल डायरेक्टर– स्त्री एवं प्रसूति रोग* , डॉ. स्मिता वैद एडिशनल डायरेक्टर– स्त्री एवं प्रसूति रोग* , *डॉ. मनीला नैणावत, कंसल्टेंट – स्त्री एवं प्रसूति रोग* तथा *डॉ. संजय चौधरी, एडिशनल डायरेक्टर– शिशु रोग* , *डॉ. ऋचा मित्तल, विभागाध्यक्ष – डायटेटिक्स एवं न्यूट्रिशन* विभाग ने भाग लिया।

विशेषज्ञों ने कहा कि जन्म के पहले एक घंटे के भीतर स्तनपान की शुरुआत तथा जीवन के पहले छह माह तक केवल माँ का दूध (Exclusive Breastfeeding) शिशु के सर्वांगीण विकास के लिए अत्यंत आवश्यक है। इससे शिशु की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है, संक्रमण का खतरा कम होता है और उसके शारीरिक एवं मानसिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान मिलता है। साथ ही, स्तनपान माँ के स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी है तथा प्रसव के बाद शीघ्र रिकवरी में मदद करता है।

इस अवसर पर डॉ. श्याम सुंदर शर्मा ने कहा कि “स्तनपान नवजात शिशु के लिए पहला और सबसे संपूर्ण आहार है। इसे बढ़ावा देना केवल चिकित्सकों की ही नहीं, बल्कि पूरे परिवार और समाज की जिम्मेदारी है। ऐसी जागरूकता गतिविधियों का उद्देश्य स्वास्थ्यकर्मियों को सशक्त बनाना है ताकि वे प्रत्येक नई माँ को सही जानकारी और उचित मार्गदर्शन प्रदान कर सकें।”

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