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Dr. Tarun Dusad Spine Surgeon – Orthopedics

फोर्टिस हॉस्पिटल, जयपुर के विशेषज्ञों ने जागरूकता, बचाव और समय पर उपचार की जरूरत पर दिया जोर

जयपुर. सड़क दुर्घटना, ऊंचाई से गिरना या खेल के दौरान लगी गंभीर चोट किसी व्यक्ति की जिंदगी को कुछ ही सेकंड में बदल सकती है। स्पाइनल कॉर्ड (रीढ़ की हड्डी) को होने वाली क्षति से शरीर की गतिशीलता, संवेदनशीलता और यहां तक कि शरीर के कई महत्वपूर्ण कार्य प्रभावित हो सकते हैं। कुछ मरीजों में यह लंबे समय तक रहने वाली दिव्यांगता का कारण भी बन सकती है। विश्व स्पाइनल कॉर्ड इंजरी दिवस के अवसर पर चिकित्सकों ने ऐसी चोटों के प्रभाव को कम करने के लिए रोकथाम, सुरक्षित व्यवहार और समय पर चिकित्सा उपचार के प्रति अधिक जागरूकता की आवश्यकता पर जोर दिया।

फोर्टिस एस्कॉर्ट्स हॉस्पिटल जयपुर के डॉ. तरुण दुसाद, स्पाइन सर्जन – ऑर्थोपेडिक्स ने कहा, “स्पाइनल कॉर्ड इंजरी व्यक्ति के जीवन को पूरी तरह बदल सकती है और दुर्घटना के तुरंत बाद मरीज को किस तरह संभाला जाता है, इसका बहुत अधिक महत्व होता है। यदि किसी व्यक्ति को दुर्घटना के बाद गर्दन या कमर में तेज दर्द, सुन्नपन, कमजोरी या हाथ-पैरों को हिलाने में परेशानी हो रही है, तो उसे अनावश्यक रूप से नहीं हिलाना चाहिए। सावधानीपूर्वक संभालना और जल्द चिकितकीय जांच कराना आगे होने वाली न्यूरोलॉजिकल क्षति को रोकने तथा मरीज के ठीक होने की संभावना बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।”

स्पाइनल कॉर्ड इंजरी के प्रमुख कारण क्या हैं?

सड़क दुर्घटनाएं और गिरना ट्रॉमेटिक स्पाइनल कॉर्ड इंजरी के प्रमुख कारण हैं। कार्यस्थल पर होने वाली दुर्घटनाएं, ऊंचाई से गिरना और खेल संबंधी चोटें भी इसके जोखिम को बढ़ाती हैं।

कुछ मामलों में स्पाइनल कॉर्ड को नुकसान किसी चोट के कारण नहीं, बल्कि अन्य चिकित्सकीय स्थितियों के कारण भी हो सकता है। इनमें ट्यूमर, संक्रमण, रक्त वाहिकाओं से संबंधित समस्याएं और अन्य चिकित्सकीय विकार शामिल हैं।

विश्व स्तर पर विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुमान के अनुसार, 1.5 करोड़ से अधिक लोग स्पाइनल कॉर्ड इंजरी के साथ जीवन जी रहे हैं, जिसमें सड़क दुर्घटनाएं और गिरना प्रमुख कारणों में शामिल हैं।

स्पाइनल कॉर्ड इंजरी के चेतावनी संकेत क्या हैं?

दुर्घटना के बाद गर्दन या पीठ में तेज दर्द, हाथ-पैरों में कमजोरी या उन्हें हिलाने में असमर्थता, सुन्नपन या संवेदना का कम होना, सांस लेने में कठिनाई तथा मूत्र या मल पर नियंत्रण खोना ऐसे गंभीर संकेत हैं, जिनमें तत्काल चिकितकीय सहायता लेना आवश्यक है।

किन लोगों में जोखिम अधिक होता है?

दो-पहिया वाहन चलाने वाले, नियमित रूप से यात्रा करने वाले, निर्माण कार्यों में लगे कर्मचारी, ऊंचाई पर काम करने वाले लोग, गिरने की अधिक संभावना वाले बुजुर्ग तथा हाई-इम्पैक्ट खेल खेलने वाले व्यक्ति स्पाइनल इंजरी के अधिक जोखिम में रहते हैं।

रीढ़ की हड्डी को सुरक्षित कैसे रखें?

  • हमेशा हेलमेट या सीट बेल्ट का इस्तेमाल करें और सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करें।
  • जोखिम वाले कार्यस्थलों पर उचित सेफ्टी इक्विपमेंट का इस्तेमाल करें।
  • घर और कार्यस्थल को ऐसी चीजों से मुक्त रखें, जिनसे गिरने का खतरा हो।
  • यदि किसी व्यक्ति को स्पाइनल इंजरी की आशंका हो, तो उसे अनावश्यक रूप से हिलाने से बचें।
  • किसी भी गंभीर दुर्घटना या चोट के बाद तुरंत चिकितकीय सहायता लें।
  • चोट के बाद डॉक्टर द्वारा बताए गए रिहैबिलिटेशन और फिजियोथेरेपी कार्यक्रम का नियमित रूप से पालन करें, ताकि रिकवरी और दैनिक गतिविधियों में स्वतंत्रता बेहतर हो सके।

 

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