पचपदरा, गोपड़ी और नेवाई गांवों में लगातार हो रही वारदातों से किसान परेशान, चोरी की घटनाओं का अब तक नहीं लगा सुराग
बालोतरा। जिले के पचपदरा क्षेत्र में पशु चोरी की घटनाओं से पशुपालकों की चिंता बढ़ गई है। पचपदरा सहित गोपड़ी और नेवाई गांवों में पशु चोर सक्रिय होने की आशंका के बीच बीते एक सप्ताह में करीब 36 भैंसें और बछड़े चोरी होने की जानकारी सामने आई है। लगातार हो रही इन घटनाओं से पशुपालकों में भय का माहौल है। वहीं, चोरी की वारदातों का अब तक कोई सुराग नहीं मिलने से किसान और खेतों में रहने वाले पशुपालक परेशान हैं।
ग्रामीण क्षेत्रों में पशुपालन आजीविका का प्रमुख साधन है। ऐसे में पशुओं की चोरी से पशुपालकों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। भैंस और बछड़े उनके लिए केवल पशुधन ही नहीं, बल्कि परिवार की आय का भी महत्वपूर्ण आधार हैं। एक साथ कई पशुओं के चोरी होने से प्रभावित परिवारों की चिंता बढ़ गई है।
एक सप्ताह में कई वारदातों से बढ़ी चिंता
जानकारी के अनुसार, पचपदरा क्षेत्र के साथ गोपड़ी और नेवाई गांवों में बीते एक सप्ताह के दौरान पशु चोरी की घटनाएं सामने आई हैं। इन घटनाओं में करीब 36 भैंसें और बछड़े चोरी होने की बात सामने आई है। लगातार पशु गायब होने से ग्रामीणों को आशंका है कि इसके पीछे सक्रिय चोर गिरोह हो सकता है। हालांकि, चोरी की घटनाओं के पीछे कौन लोग शामिल हैं, इस बारे में फिलहाल कोई स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है।
खेतों में रहने वाले पशुपालक परेशान
क्षेत्र के कई पशुपालक खेतों में रहते हैं और वहीं अपने पशुओं की देखभाल करते हैं। रात के समय पशुओं की सुरक्षा करना उनके लिए चुनौती बन गया है। पशु चोरी की घटनाओं के बाद ग्रामीणों को अब अपने पशुधन की निगरानी को लेकर अतिरिक्त सतर्कता बरतनी पड़ रही है।
पशुपालकों की चिंता इस बात को लेकर भी है कि चोरी हुए पशुओं का अब तक कोई सुराग नहीं मिल पाया है। पशुओं की तलाश और सुरक्षा को लेकर ग्रामीणों में बेचैनी बनी हुई है।
पशुओं की सुरक्षा को लेकर ग्रामीण चिंतित
लगातार हो रही घटनाओं से क्षेत्र में पशुधन की सुरक्षा का मुद्दा प्रमुख हो गया है। ग्रामीणों के लिए जरूरी है कि पशुओं को सुरक्षित स्थानों पर रखा जाए और रात के समय निगरानी की व्यवस्था मजबूत की जाए। पशु चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए प्रभावी जांच और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखना भी महत्वपूर्ण है।
फिलहाल पचपदरा, गोपड़ी और नेवाई क्षेत्र में पशु चोरी की घटनाओं से पशुपालक चिंतित हैं। चोरी हुए पशुओं का पता लगाने और ऐसी वारदातों पर रोक लगाने के लिए पुलिस की कार्रवाई तथा जांच की प्रगति पर ग्रामीणों की नजर बनी हुई है।
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