गुरुवार, अक्तूबर 29 2026 | 07:23:09 AM
Breaking News
Home / रीजनल / अपने ही शहर के लिए जागरूक नहीं हैं सेलिब्रिटीज, तो खेद है! फीस लेकर आने वालों पर बॉम्बे हाईकोर्ट की टिप्पणी
If celebrities aren't aware of their own city, we're sorry! The Bombay High Court's comment on those who come with fees.

अपने ही शहर के लिए जागरूक नहीं हैं सेलिब्रिटीज, तो खेद है! फीस लेकर आने वालों पर बॉम्बे हाईकोर्ट की टिप्पणी

कोर्ट ने कहा—पुलिस के कार्यक्रमों में शामिल होने वाली सेलिब्रिटीज जनहित के अभियानों में क्यों नहीं आ सकतीं? सरकारी खजाने से जनजागरूकता का खर्च उठाने पर भी जताई आपत्ति

 

मुंबई। महाराष्ट्र में त्योहारों के दौरान ध्वनि और वायु प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए बॉम्बे हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। अदालत ने प्रदूषण के खिलाफ जनजागरूकता अभियान में सेलिब्रिटीज की भागीदारी और इसके लिए सरकारी धन खर्च किए जाने को लेकर अहम टिप्पणी की।

अदालत ने कहा कि यदि सेलिब्रिटीज अपने ही शहर के प्रति जागरूक नहीं हैं और केवल फीस लेकर कार्यक्रमों में शामिल होना चाहती हैं, तो यह खेदजनक है।

सुनवाई के दौरान न्यायपीठ ने कहा कि ऐसी हस्तियां पुलिस विभाग के कार्यक्रमों में शामिल होने से परहेज नहीं करतीं, लेकिन जनहित से जुड़े अभियानों में उनकी भागीदारी को लेकर सवाल उठते हैं।

अदालत ने सवाल किया, “अगर वे उस समारोह में शामिल हो सकते हैं, तो यहां क्यों नहीं आ सकते?”

न्यायपीठ ने यह भी स्पष्ट किया कि जनसेवा से जुड़े संदेशों के प्रचार-प्रसार का खर्च सरकारी खजाने पर नहीं डाला जाना चाहिए।

पटाखों और तेज रोशनी पर प्रतिबंध

यह मामला महाराष्ट्र में त्योहारों के दौरान जुलूसों से होने वाले ध्वनि एवं वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए हाईकोर्ट द्वारा स्वतः संज्ञान लेकर शुरू की गई जनहित याचिका से जुड़ा है।

अदालत ने 22 सितंबर को पारित आदेश में त्योहारों के दौरान सार्वजनिक सड़कों और रास्तों पर पटाखे फोड़ने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने के निर्देश दिए थे। इसके साथ ही लेजर लाइट और अत्यधिक तीव्रता वाली बीम लाइट के इस्तेमाल पर भी रोक लगाई गई थी।

हेल्पलाइन नंबरों का प्रचार करने के निर्देश

सुनवाई के दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता अस्पी चिनॉय ने प्रशासन की ओर से पेश हलफनामों में ध्वनि प्रदूषण की शिकायतों के लिए समर्पित और रिकॉर्ड की जाने वाली हेल्पलाइन का उल्लेख नहीं होने की ओर अदालत का ध्यान आकर्षित किया।

बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) की ओर से पेश अधिवक्ता जोएल कार्लोस ने बताया कि ध्वनि प्रदूषण से संबंधित शिकायतें 24 घंटे उपलब्ध आपदा हेल्पलाइन नंबर 1916 पर दर्ज कराई जा सकती हैं।

इसके बाद अदालत ने निर्देश दिया कि बीएमसी की हेल्पलाइन 1916 और पुलिस की आपातकालीन हेल्पलाइन 100 का प्रिंट मीडिया, सिनेमा और डिजिटल मीडिया के माध्यम से व्यापक प्रचार किया जाए।

झुग्गी बस्तियों में जागरूकता को लेकर चिंता

न्यायमूर्ति कुलकर्णी ने मुंबई की बड़ी झुग्गी बस्तियों में प्रदूषण नियंत्रण संबंधी नियमों के प्रति जागरूकता और उनके पालन को लेकर चिंता जताई।

उन्होंने सवाल किया कि यदि शहर के 40 से 50 प्रतिशत हिस्से में झुग्गी बस्तियां हैं, तो प्रशासन वहां तक जागरूकता अभियान कैसे पहुंचाएगा।

न्यायमूर्ति ने कहा कि इन इलाकों में आधी रात के बाद पटाखे फोड़ने जैसी घटनाओं को रोकने के लिए विशेष अभियान चलाने और लोगों को जागरूक करने की जरूरत है।

उन्होंने कहा, “हमें इन लोगों से कोई विरोध नहीं है, लेकिन उन्हें कानून का पालन करना चाहिए।”

स्थानीय नेताओं को अभियान से जोड़ने का सुझाव

अदालत की सहायता कर रहे एमिकस क्यूरी आनंद पई ने कहा कि घनी आबादी वाली झुग्गी बस्तियों में पारंपरिक तरीकों से जागरूकता अभियान चलाना मुश्किल हो सकता है।

उन्होंने सुझाव दिया कि यदि स्थानीय नेताओं को अभियान से जोड़ा जाए, तो लोगों तक संदेश पहुंचाना अधिक प्रभावी हो सकता है।

अदालत ने इस सुझाव पर सहमति जताते हुए नागरिक प्रशासन को वार्ड के निर्वाचित प्रतिनिधियों को जागरूकता अभियान में सक्रिय रूप से शामिल करने का निर्देश दिया।

25 नवंबर को अगली सुनवाई

बॉम्बे हाईकोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 25 नवंबर को निर्धारित की है। अदालत ने बीएमसी, पुलिस और प्रदूषण नियंत्रण से जुड़े अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ प्रदूषण रोकने के लिए लगातार और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

Check Also

Supreme Court takes a tough stand on Jojri pollution case, calls for CBI probe into over 800 illegal units in Sanganer

जोजरी प्रदूषण मामले में सुप्रीम कोर्ट सख्त, सांगानेर की 800 से अधिक अवैध इकाइयों की CBI जांच कराने की बात

बालोतरा के डार्क जोन में बिना CGWA अनुमति बोरवेल संचालन और ट्रीटेड पानी की बिक्री …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *