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2 वर्षों में राजस्थान में अपराधों में दो साल में 19.45 प्रतिशत की गिरावट

जयपुर। हाल ही में राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो द्वारा देश के आपराधिक आंकड़े जारी किए गए हैं। उल्लेखनीय है कि ये आंकड़े वर्ष 2021, 2022 तथा 2023 तक के ही हैं।

 

पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार शर्मा ने बताया कि वर्ष 2024 व 2025 में राजस्थान में अपराधों में निरंतर कमी आई है। राजस्थान पुलिस की अपराधों को दर्ज करने की पारदर्शी, निष्पक्ष एवं फ्री-रजिस्ट्रेशन की नीति के चलते अपराध नियंत्रण व शिकायत निस्तारण की कटिबद्धता का असर अब स्प्ष्ट नजर आ रहा है।

 

अपराध शाखा से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार यदि वर्ष 2023 व 2024 का तुलनात्मक विश्लेषण किया जाए तो महिलाओं के विरुद्ध अपराधों के 45,450 मुकदमों के विरुद्ध 36,563 मुकदमे ही दर्ज हुए हैं। अनुसूचित जनजाति के विरुद्ध अपराधों के 8449 के मुकाबले 7008 मुकदमे, अनुसूचित जाति के विरुद्ध अपराधों के 2453 के स्थान पर 2282 मुकदमे दर्ज हुए हैं। आर्थिक अपराधों में भी उल्लेखनीय कमी आई है, 27675 के मुकाबले 27637 अभियोग पंजीबद्ध हुए हैं। आईपीसी/बीएनएस अपराधों में 234985 के स्थान पर 213352 मुकदमे दर्ज हुए हैं। उक्त कालावधि में समग्र अपराधों का ग्राफ भी न्यून हुआ है।

 

अपराधों में दो साल में 19.45 प्रतिशत की गिरावट, महिला अत्याचार प्रकरण में 9.24 प्रतिशत की कमी

 

वर्ष 2023 के बाद से लगातार टीम राजस्थान पुलिस की प्रतिबद्धता और प्रभावी कार्रवाई के चलते राज्य में महिलाओं, के खिलाफ होने वाले अत्याचारों के अपराधों में लगातार गिरावट दर्ज की गई है। यह सकारात्मक रुझान वर्ष 2023 के बाद से ही जारी है, यह गिरावट राज्य सरकार द्वारा अपराध नियंत्रण के लिए उठाए गए ठोस कदमों की सफलता को दर्शाती है।

 

“राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो द्वारा हाल ही में जारी किए गए आंकड़े वर्ष 2021 से 2023 तक के हैं जबकि राजस्थान पुलिस की प्रभावी कार्यवाही के चलते वर्ष 2024-25 में अपराधों में लगातार गिरावट नजर आई है। राज्य में महिला अत्याचार, अजा-अजजा संबंधित अपराध व आर्थिक अपराधों के साथ फायरिंग की घटनाओं में भी कमी पाई गई है। अपराधों में लगातार आ रही गिरावट टीम राजस्थान पुलिस की प्रतिबद्धता का प्रतीक है।”

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