मंगलवार, सितंबर 29 2026 | 12:18:34 AM
Breaking News
Home / राजकाज / ब्याज दरें बढ़ने के बाद भी घर बिकने की आस

ब्याज दरें बढ़ने के बाद भी घर बिकने की आस

मुंबई| प्रॉपर्टी डेवलपरों, फंड प्रबंधकों और रियल स्टेट सलाहकारों का कहना है कि बढ़ती ब्याज दरों से आवास की बिक्री की वृद्धि पर कोई असर पड़ने की संभावना नहीं है। कई का अभी भी मानना है कि दरें अभी उतनी ज्यादा नहीं हैं, जितनी पिछले दशक में रही हैं  और मकानों की कीमत अभी भी कम है।

गोदरेज प्रॉपर्टीज के मुख्य कार्याधिकारी और प्रबंध निदेशक मोहित मल्होत्रा ने कहा, ‘फिलहाल मांग पर कोई असर नहीं है। हमारे बेहतर प्रदर्शन वाले इलाके (मुबई और थाणे) में न सिर्फ दरों में बल्कि स्टांप शुल्क में भी 1 प्रतिशत वृद्धि हुई है। ब्याज दर और स्टांप शुल्क बढ़ने के व्यवधान के बावजूद मुंबई और थाणे की हमारी परियोजनाओं में मांग बढ़ी है।’ गोदरेज प्रॉपर्टीज की पहली तिमाही में अब तक की सबसे ज्यादा बुकिंग 2,520 करोड़ रुपये की हुई है।

टाटा रियल्टी ऐंड इन्फ्रास्ट्रक्चर और टाटा हाउसिंग डेवलपमेंट कंपनी के प्रबंध निदेशक और सीईओ संजय दत्त ने कहा कि बिक्री और पंजीकरण की मात्रा लगातार बढ़ रही है, भले ही लागत बढ़ी है। उन्होंने कहा, ‘हमने पाया है कि ब्याज दरों में पहले की बढ़ोतरी से मकान के खरीदारों की धारणा प्रभावित नहीं हुई है।’ उन्होंने कहा कि टाटा हाउसिंग अपनी 9 आवासीय परियोजनाओं में 12 महीने के लिए 3.5 प्रतिशत ब्याज दर की वित्तीय सहायता मुहैया कराकर हाल की बढ़ोतरी से मकान के खरीदारों को राहत दे रही है। उन्होंने कहा कि विभिन्न शहरों में स्थित इन परियोजनाओं पर प्रोत्साहन देने से हमारे ग्राहक मकान खरीदने के बारे में फैसला कर सकेंगे।

बेंगलूरू की ब्रिगेड इंटरप्राइजेज में मुख्य वित्तीय अधिकारी अतुल गोयल ने कहा कि रीपो रेट में बढ़ोतरी की उम्मीद पहले से ही की जा रही थी, इसका रियल एस्टेट क्षेत्र पर मामूली असर पड़ेगा।

वाल्टन स्ट्रीट ब्लैकसॉइल फंड के कार्यकारी निदेशक कौशिक देसाई ने कहा, ‘हमारा मानना है कि ब्याज दर में बढ़ोतरी के बावजूद मांग बनी रहेगी क्योंकि भर्तियां बढ़ रही हैं और आमदनी बढ़ रही है। वित्त वर्ष 22 में आईटी क्षेत्र ने सबसे ज्यादा भर्तियां की हैं। वेतन वृद्धि भी दो अंकों के प्रतिशत में रही है। इसकी वजह से ईएमआई में बढ़ोतरी की भरपाई हो सकेगी।’

Check Also

‘Pure Food – War on Adulteration’ Campaign – Intensive inspection campaign started in canteens and food establishments operating in and around hospitals across the state

‘शुद्ध आहार–मिलावट पर वार’ अभियान- प्रदेश भर के अस्पतालों के अंदर और आसपास संचालित कैंटीन एवं खाद्य प्रतिष्ठानों में सघन जांच अभियान शुरू

पहले दिन 100 से अधिक अस्पतालों और आसपास के 172 से अधिक खाद्य प्रतिष्ठानों का …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *