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कर्नाटक: मंत्री खंड्रे ने विकसित भारत-जी राम जी को लागू करने के दिशा-निर्देशों की समय सीमा तय की

बेंगलुरु। कर्नाटक के ग्रामीण विकास और पंचायती राज मंत्री ईश्वर बी. खंड्रे ने बुधवार को अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे इस हफ्ते के आखिर तक ग्रामीण रोजगार योजना ‘विकसित भारत – गारंटी फॉर रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) एक्ट, 2025’ (वीबी-जी राम जी) के नए रूप के लिए व्यापक मानक संचालन प्रक्रियाएं (एसओपी) और लागू करने के दिशा-निर्देश जारी करें।

उन्होंने कहा कि यह आदेश उन शिकायतों के बाद जारी किया गया है कि ग्रामीण श्रमिक जिन्हें पहले मनरेगा के तहत रोजगार मिला था, अब उन्हें नई योजना के तहत पर्याप्त काम नहीं मिल रहा है।

मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि राज्य गंभीर सूखे की स्थिति से जूझ रहा है, इसलिए सरकार ने इस मामले को गंभीरता से लिया है।

उन्होंने आगे कहा, “ऐसे समय में जब ग्रामीण क्षेत्रों के गरीब, शोषित, दिव्यांग व्यक्ति, महिलाएं और दलित इस संकट के दौर में रोजगार नहीं पा रहे हैं, तो विकसित भारत-जी राम जी योजना का उद्देश्य विफल हो जाएगा।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे योजना को सख्ती से लागू करें, घर-घर जाकर जागरूकता अभियान चलाएं, प्रतिदिन कम से कम 5 लाख लोगों के लिए रोजगार सुनिश्चित करें, हर महीने कम से कम 1.5 करोड़ व्यक्ति प्रति माह कार्य सृजित किए जाए और पूरे राज्य में ग्रामीण संसाधन सुनिश्चित हो।

खंड्रे ने ग्रामीण विकास और पंचायत राज विभाग के आयुक्त को जारी एक निर्देश में कहा कि राज्य सरकार ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) के दायरे से परे ग्रामीण श्रमिकों को अतिरिक्त रोजगार के अवसर प्रदान करने के उद्देश्य से विकसित भारत-जी राम जी योजना शुरू की है।

मंत्री ने कहा कि राज्य के कई हिस्सों से शिकायतें मिली हैं कि मनरेगा के तहत पहले काम पाने वाले मजदूरों को नई योजना के तहत पर्याप्त रोजगार नहीं मिल रहा है।

उन्होंने कहा कि स्पष्ट दिशा-निर्देशों के अभाव और अधिकारियों तथा लाभार्थियों के बीच अपर्याप्त जागरूकता के कारण कार्यक्रम को अभी तक अपेक्षित गति नहीं मिल पाई है।

ईश्वर बी. खंड्रे ने विभाग को निर्देश दिया कि वह कार्यान्वयन के सभी पहलुओं को कवर करने वाले विस्तृत मानक संचालन प्रक्रियाओं (एसओपी) को तुरंत तैयार करे, जिसमें मनरेगा के साथ तालमेल, तकनीकी और प्रशासनिक अनुमोदन, मजदूरी भुगतान, कार्यों का निष्पादन, 60:40 श्रम-सामग्री अनुपात का रखरखाव, निगरानी तंत्र और परिसंपत्ति निर्माण शामिल हैं।

उन्होंने कहा कि एसओपी को सप्ताह के अंत तक सभी ग्राम पंचायतों, तालुक और जिला स्तरीय अधिकारियों को वितरित कर दिया जाना चाहिए।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे घर-घर जाकर जागरूकता अभियान चलाएं ताकि ग्रामीण परिवारों को योजना के बारे में जानकारी दी जा सके और पात्र श्रमिकों को विकसित भारत-जी राम जी योजना के तहत नामांकन करने और रोजगार प्राप्त करने के लिए प्रोत्साहित किया जा सके।

उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि कार्यान्वयन का ध्यान स्थायी और उत्पादक सामुदायिक संपत्तियों के निर्माण पर केंद्रित होना चाहिए जो ग्रामीण विकास में योगदान दें।

खंड्रे ने अधिकारियों को कार्यक्रम की बारीकी से निगरानी करने, कार्यान्वयन में आने वाली बाधाओं को दूर करने और सभी प्रशासनिक स्तरों पर प्रभावी समन्वय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि विकसित भारत-जी राम जी योजना के उद्देश्यों को पूरे कर्नाटक में प्राप्त किया जा सके।

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