कानूनी कार्रवाई शुरू !, ₹4.70 करोड़ की बैंक गारंटी पर फैसला कब?
बालोतरा। बालोतरा में CETP (कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट) सेस वसूली व्यवस्था को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। उद्योगों से वसूले गए सेस की राशि के भुगतान के लिए संबंधित ठेकेदार MR Infra द्वारा जारी किए गए चेक बाउंस होने की पुष्टि के बाद पूरे मामले ने तूल पकड़ लिया है। CETP ट्रस्ट ने ठेकेदार को नोटिस जारी कर कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है, जबकि उद्योग जगत अनुबंध की शर्तों के पालन और भुगतान व्यवस्था पर सवाल उठा रहा है।
MR Infra की ओर से बताया गया कि उद्योगों से अपेक्षित सेस की वसूली नहीं हो पा रही है। कई उद्योग बंद होने के कारण कलेक्शन प्रभावित हुआ है, जिससे भुगतान बकाया हो गया है। कंपनी का कहना है कि वर्तमान में वह भुगतान करने की स्थिति में नहीं है
दूसरी ओर, CETP ट्रस्ट ने चेक बाउंस होने की पुष्टि करते हुए बताया कि ठेकेदार को नोटिस जारी किया जा चुका है तथा बकाया राशि की वसूली के लिए कानूनी कार्रवाई एवं मुकदमा दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। ट्रस्ट के अनुसार जुलाई और अगस्त माह का भुगतान अभी तक प्राप्त नहीं हुआ है
नगर परिषद आयुक्त ने बताया कि MR Infra को नोटिस जारी किया जा चुका है तथा आवश्यक कार्रवाई जारी है। हालांकि, जब उनसे अनुबंध की उस शर्त के संबंध में पूछा गया, जिसके अनुसार निर्धारित समय पर भुगतान नहीं होने की स्थिति में ठेका स्वत ही निरस्त माना जाएगा, तो इस विषय पर उन्होंने कोई स्पष्ट उत्तर नहीं दिया।
भुगतान की समय-सीमा पर उठे सवाल
MR Infra और नगर परिषद के बीच हुए अनुबंध के अनुसार, ठेकेदार को प्रत्येक रनिंग माह का पूरा भुगतान उस माह शुरू होने से पांच दिन पहले CETP ट्रस्ट को जमा कराना होता है। उदाहरण के लिए अगस्त माह का भुगतान अधिकतम 25 जुलाई तक जमा होना चाहिए। इसके बावजूद CETP ट्रस्ट के अनुसार जुलाई और अगस्त दोनों माह का भुगतान लंबित है, जिससे अनुबंध की शर्तों के पालन को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
₹4.70 करोड़ की बैंक गारंटी पर भी सवाल
अनुबंध में लगभग ₹4.70 करोड़ की बैंक गारंटी का प्रावधान भी है। ऐसे में उद्योग जगत यह जानना चाहता है कि जब लगातार दो माह का भुगतान बकाया है और चेक भी बाउंस हो चुके हैं, तो क्या नगर परिषद अनुबंध के प्रावधानों के तहत बैंक गारंटी को फॉरफिट (Forfeit) या इनवोक (Invoke) करेगी? इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक निर्णय सार्वजनिक नहीं किया गया है।
उद्योग जगत ने मांगी पारदर्शिता
उद्योग प्रतिनिधियों का कहना है कि उद्योगों ने समय पर सेस का भुगतान किया है। यदि वसूली गई राशि समय पर CETP ट्रस्ट तक नहीं पहुंची, तो इसकी जवाबदेही तय की जानी चाहिए। उनका कहना है कि पूरे मामले की स्वतंत्र जांच, सेस वसूली एवं भुगतान का वित्तीय ऑडिट तथा अनुबंध की शर्तों के पालन की समीक्षा कर जिम्मेदार पक्षों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।
अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि नगर परिषद, CETP ट्रस्ट और संबंधित ठेकेदार इस विवाद का समाधान किस प्रकार करते हैं तथा अनुबंध की शर्तों के अनुरूप आगे क्या कदम उठाए जाते हैं ?
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