वित्त विभाग ने जिलों के पुनर्गठन के बाद तय की नई व्यवस्था, तहसीलों को संबंधित कोषालयों और उपकोषालयों से जोड़ा
बालोतरा/बाड़मेर। राजस्थान में जिलों के पुनर्गठन के बाद अब वित्तीय प्रशासन से जुड़ी व्यवस्थाओं में भी बदलाव किया जा रहा है। इसी क्रम में वित्त (कोष एवं लेखा) विभाग ने बालोतरा और बाड़मेर जिलों के कोषालयों का पुनर्गठन करते हुए इनके अधीन आने वाली तहसीलों और उपकोषालयों की नई व्यवस्था निर्धारित की है।
विभाग की ओर से जारी व्यवस्था के तहत बालोतरा जिले के लिए बालोतरा कोषालय निर्धारित किया गया है। इसके अधीन पचपदरा, गिड़ा, सिणधरी, सिवाना और समदड़ी तहसीलों को शामिल किया गया है। इन तहसीलों में वित्तीय एवं कोष संबंधी कार्यों के संचालन के लिए पचपदरा और सिणधरी में उपकोषालय की व्यवस्था की गई है।
इसी प्रकार बाड़मेर कोषालय के अधीन बाड़मेर, बाड़मेर ग्रामीण, नोखड़ा, चौहटन, धनाऊ, रामसर, बायतु, सेड़वा और शिव तहसीलों को रखा गया है। इनमें गुड़ामालानी, रामसर, सेड़वा और शिव में उपकोषालय संचालित होंगे।
बालोतरा कोषालय के अधीन ये तहसीलें
बालोतरा कोषालय के अधीन पांच तहसीलों को रखा गया है। इनमें पचपदरा, गिड़ा, सिणधरी, सिवाना और समदड़ी शामिल हैं। इन पांच तहसीलों में से पचपदरा और सिणधरी में उपकोषालय की व्यवस्था रहेगी।
बाड़मेर कोषालय में नौ तहसीलें
बाड़मेर कोषालय के अधीन कुल नौ तहसीलों को शामिल किया गया है। इनमें बाड़मेर, बाड़मेर ग्रामीण, नोखड़ा, चौहटन, धनाऊ, रामसर, बायतु, सेड़वा और शिव शामिल हैं। इनमें गुड़ामालानी, रामसर, सेड़वा और शिव में उपकोषालय संचालित होंगे।
वित्तीय कामकाज में होगी सुविधा
कोषालय और उपकोषालयों की नई व्यवस्था से संबंधित क्षेत्रों में सरकारी वित्तीय कार्यों के संचालन को व्यवस्थित करने में मदद मिलेगी। सरकारी कर्मचारियों के वेतन, पेंशन, बिलों के भुगतान सहित कोषालय से जुड़े अन्य कार्य निर्धारित कार्यालयों के माध्यम से किए जाएंगे।
जिलों के पुनर्गठन के बाद प्रशासनिक सीमाओं में हुए बदलाव के अनुरूप कोषालयों का पुनर्गठन किया गया है। इससे नई प्रशासनिक व्यवस्था के अनुरूप वित्तीय कार्यों का संचालन सुनिश्चित किया जा सकेगा।
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