उदयपुर. राजस्थान का एमएसएमई इकोसिस्टम इस समय तेज रफ्तार से आगे बढ़ रहा है। औद्योगिक गतिविधियों में बढ़ोतरी, इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश, उद्यमिता को बढ़ावा और सरकार की सक्रिय नीतियों से राज्य में कारोबार का माहौल मजबूत हुआ है। आरबीआई–लाइसेंस प्राप्त ट्रेड्स प्लेटफॉर्म M1xchange, जो एमएसएमई को इनवॉइस डिस्काउंटिंग के जरिए औपचारिक वर्किंग कैपिटल उपलब्ध कराता है, राज्य में अपनी संभावनाएं बढ़ाने पर जोर दे रहा है। कंपनी का मानना है कि टेक्सटाइल, इंफ्रास्ट्रक्चर, इलेक्ट्रिकल्स एवं इलेक्ट्रॉनिक्स और ऑटो एवं ऑटो एंसिलरी जैसे सेक्टर आने वाले समय में राजस्थान में एमएसएमई ग्रोथ को नई गति देंगे।
राजस्थान में 45 लाख से अधिक एमएसएमई कार्यरत हैं, जो टेक्सटाइल, मार्बल एवं स्टोन प्रोसेसिंग, माइनिंग, इंजीनियरिंग गुड्स, कृषि, पर्यटन, हस्तशिल्प और सोलर मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों में सक्रिय हैं। राज्य सरकार का औद्योगिक विकास और इंफ्रास्ट्रक्चर पर लगातार जोर कारोबारी गतिविधियों को और तेज कर रहा है। अनुमान है कि 2026-27 तक राजस्थान का जीएसडीपी करीब 21.52 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है।
अब तक M1xchange प्लेटफॉर्म पर 3 लाख करोड़ रुपये से अधिक की इनवॉइस डिस्काउंटिंग ट्रांजैक्शन हो चुकी हैं। प्लेटफॉर्म से 85,000 से ज्यादा एमएसएमई, 10,000 से अधिक कॉरपोरेट्स और 75 से ज्यादा बैंक एवं एनबीएफसी जुड़े हुए हैं। M1xchange ट्रेड्स प्लेटफॉर्म के जरिए एमएसएमई अपने सामान या सेवाओं से जुड़े इनवॉइस अपलोड कर सकते हैं, जिन पर कई फाइनेंसर बोली लगाते हैं। इससे एमएसएमई को बिना किसी गारंटी के कम ब्याज दर पर 24 घंटे के भीतर भुगतान मिल सकता है और उनकी बैलेंस शीट पर कोई अतिरिक्त बोझ भी नहीं पड़ता।
M1xchange राजस्थान को अपने लिए एक अहम ग्रोथ मार्केट के रूप में देख रहा है। कंपनी का मानना है कि ट्रेड्स प्लेटफॉर्म के जरिए राज्य के एमएसएमई को बिना गारंटी वाले औपचारिक वर्किंग कैपिटल तक पहुंच देने की बड़ी संभावनाएं हैं। राज्यभर, खासकर उदयपुर से जुड़े व्यवसायों की प्लेटफॉर्म पर अच्छी भागीदारी देखने को मिल रही है। टेक्सटाइल, इंफ्रास्ट्रक्चर, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं इलेक्ट्रिकल्स और ऑटो एंसिलरी सेक्टर इसमें अहम भूमिका निभा रहे हैं। वर्तमान में M1xchange से जुड़े 8% से अधिक एमएसएमई और करीब 10% कॉरपोरेट्स राजस्थान से हैं। वहीं राज्य से जुड़े इनवॉइस प्लेटफॉर्म के कुल ट्रांजैक्शन वॉल्यूम में लगभग 7,000 करोड़ रुपये का योगदान दे रहे हैं।
केंद्रीय बजट में सीपीएसई के लिए एमएसएमई के बकाया भुगतान ट्रेड्स प्लेटफॉर्म के जरिए करने की अनिवार्यता से इस व्यवस्था को और मजबूती मिलने की उम्मीद है। इससे भुगतान प्रक्रिया में अनुशासन बढ़ेगा और सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों के साथ काम करने वाले एमएसएमई सप्लायर्स को फाइनेंसिंग तक आसान पहुंच मिल सकेगी। M1xchange का लक्ष्य डिजिटल समाधान के जरिए एमएसएमई के वर्किंग कैपिटल से जुड़े वित्तीय अंतर को कम करना और क्षेत्र में उनके विकास को गति देना है।
M1xchange के प्रमोटर और डायरेक्टर संदीप मोहिन्द्रू ने कहा, “राजस्थान का एमएसएमई इकोसिस्टम तेजी से विकसित हो रहा है। मजबूत सरकारी नीतियां, औद्योगिक विस्तार, इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश और बढ़ती उद्यमशीलता गतिविधियां इस बदलाव को गति दे रही हैं। मैन्युफैक्चरिंग, माइनिंग, टेक्सटाइल, इंफ्रास्ट्रक्चर, कृषि और पर्यटन जैसे क्षेत्रों के व्यवसाय अब तेजी से संगठित सप्लाई चेन का हिस्सा बन रहे हैं, जिससे बेहतर वर्किंग कैपिटल समाधानों की मांग बढ़ रही है। तेज, पारदर्शी और बिना गारंटी वाली फाइनेंसिंग के लिए एमएसएमई के बीच इनवॉइस डिस्काउंटिंग को लेकर जागरूकता और स्वीकार्यता लगातार बढ़ रही है।“
इसके अलावा M1xchange अपनी “स्मॉल–टू–स्मॉल फाइनेंसिंग” पहल के जरिए ट्रेड्स के दायरे को लगातार बढ़ा रहा है। इस पहल के माध्यम से टियर-2 और टियर-3 शहरों के एमएसएमई को बिना गारंटी के प्रतिस्पर्धी दरों पर जल्दी भुगतान की सुविधा मिल रही है।
अपने एंड–टू–एंड डिजिटल ट्रेड्स प्लेटफॉर्म के जरिए M1xchange का उद्देश्य उदयपुर के एमएसएमई को मजबूत लिक्विडिटी, बेहतर क्रेडिट अनुशासन और पूरे राज्य में औपचारिक ऋण व्यवस्था को तेजी से अपनाने में मदद करना है।
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