श्रीनगर/जम्मू। ‘जय बाबा बर्फानी’ के उद्घोष के साथ हिमालय की गोद में स्थित पवित्र अमरनाथ गुफा की यात्रा का इंतजार कर रहे श्रद्धालुओं के लिए शुभ समाचार है। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा की अध्यक्षता में श्री अमरनाथजी श्राइन बोर्ड (SASB) ने यात्रा के कार्यक्रम की घोषणा कर दी है। इस वर्ष अमरनाथ यात्रा 3 जुलाई 2026 से शुरू होगी और 28 अगस्त 2026 (रक्षाबंधन) तक चलेगी।
15 अप्रैल से शुरू होगा पंजीकरण (Registration)
बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए अग्रिम पंजीकरण (Advance Registration) की प्रक्रिया 15 अप्रैल 2026 से देश भर के विभिन्न बैंक केंद्रों और ऑनलाइन पोर्टल पर एक साथ शुरू होगी।
- ऑनलाइन पंजीकरण: श्रद्धालु श्राइन बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट jksasb.nic.in या उनके मोबाइल ऐप के माध्यम से घर बैठे पंजीकरण कर सकते हैं।
- बैंक पंजीकरण: देश भर में पंजाब नेशनल बैंक (PNB), जम्मू-कश्मीर बैंक, भारतीय स्टेट बैंक (SBI) और यस बैंक की 550 से अधिक शाखाओं में ऑफलाइन पंजीकरण की सुविधा उपलब्ध होगी।
यात्रा के लिए अनिवार्य योग्यताएं और नियम
यात्रा को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए श्राइन बोर्ड ने कुछ कड़े नियम तय किए हैं:
- आयु सीमा: 13 वर्ष से कम और 70 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्ति यात्रा नहीं कर सकते।
- स्वास्थ्य प्रमाण पत्र (CHC): पंजीकरण के लिए अधिकृत डॉक्टरों द्वारा जारी ‘अनिवार्य स्वास्थ्य प्रमाण पत्र’ होना आवश्यक है। यह प्रमाण पत्र 8 अप्रैल 2026 के बाद का होना चाहिए।
- गर्भवती महिलाएं: 6 सप्ताह से अधिक की गर्भवती महिलाओं को यात्रा की अनुमति नहीं है।
कैसे करें तैयारी? (Checklist for Devotees)
यदि आप भी इस बार यात्रा पर जाने की योजना बना रहे हैं, तो इन बातों का विशेष ध्यान रखें:
- दस्तावेज तैयार रखें: आधार कार्ड (या कोई वैध सरकारी आईडी), पासपोर्ट साइज फोटो और मेडिकल सर्टिफिकेट (CHC) पहले से तैयार कर लें।
- रूट का चयन करें: यात्रा के लिए दो रास्ते हैं—पहलगाम (पारंपरिक और थोड़ा लंबा रास्ता) और बालटाल (छोटा लेकिन कठिन रास्ता)। अपनी शारीरिक क्षमता के अनुसार रूट चुनें।
- आरएफआईडी (RFID) कार्ड: सुरक्षा कारणों से सभी यात्रियों को आरएफआईडी कार्ड पहनना अनिवार्य होगा, जो जम्मू या कश्मीर के केंद्रों से बायोमेट्रिक सत्यापन के बाद मिलेगा।
- शारीरिक स्वास्थ्य: चूंकि यात्रा 14,000 फीट की ऊंचाई पर होती है, इसलिए अभी से रोजाना मॉर्निंग वॉक और प्राणायाम शुरू कर दें ताकि कम ऑक्सीजन में शरीर को दिक्कत न हो।
पंजीकरण शुल्क: इस वर्ष प्रति व्यक्ति पंजीकरण शुल्क ₹150 निर्धारित किया गया है। भक्तों की सुरक्षा के लिए ₹10 लाख का ग्रुप एक्सीडेंट इंश्योरेंस भी कवर किया जाएगा।
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