विधायक बोले-पेयजल संकट का सामना कर रहे आमजन
विधायक हमीर सिंह भायल ने केंद्रीय मंत्री को बताया कि नर्मदा परियोजना का पानी वर्तमान में गुड़ामालानी क्षेत्र तक पहुंच रहा है। हालांकि, सिवाना और पचपदरा क्षेत्रों में अभी भी स्थायी पेयजल व्यवस्था का अभाव है। उन्होंने कहा कि मौजूदा जल योजनाएं अंतिम छोर पर होने के कारण पर्याप्त पानी उपलब्ध नहीं करा पा रही हैं, जिससे क्षेत्र के लोग लंबे समय से पेयजल संकट का सामना कर रहे हैं।
व्यापक योजना को जल्द लागू कराने की मांग
भायल ने मांग की कि सिणधरी क्षेत्र के पास राजकीय भूमि पर जल भंडारण (स्टोरेज) की व्यवस्था विकसित की जाए। इसके माध्यम से बालोतरा, सिवाना, पचपदरा और समदड़ी क्षेत्रों को पेयजल उपलब्ध कराने के लिए एक व्यापक योजना को शीघ्र लागू किया जाना चाहिए, ताकि क्षेत्रवासियों को स्थायी राहत मिल सके।
दोनों विधायकों ने इस बात पर जोर दिया कि पश्चिमी राजस्थान का यह मरुस्थलीय क्षेत्र वर्षों से पेयजल संकट से जूझ रहा है। उन्होंने पूर्वी राजस्थान के लिए भाजपा सरकार द्वारा लागू की गई महत्वाकांक्षी ईआरसीपी (पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना) का उदाहरण दिया, जिसने स्थायी समाधान की दिशा में काम किया है।
विधायकों ने कहा कि इसी तर्ज पर पश्चिमी राजस्थान के रेगिस्तानी क्षेत्रों के लिए भी दीर्घकालीन पेयजल योजना बनाकर नर्मदा परियोजना का विस्तार करना आवश्यक है। उन्होंने उम्मीद जताई कि केंद्र और राज्य सरकार के समन्वय से पश्चिमी राजस्थान के लिए भी एक बड़ी पेयजल परियोजना लागू होगी, जिससे आने वाले वर्षों में जल संकट से स्थायी राहत मिल सकेगी।
केंद्रीय मंत्री ने दिया आश्वासन
केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी. आर. पाटील ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त करते हुए कहा कि सिवाना एवं पचपदरा विधानसभा क्षेत्रों की पेयजल समस्या के समाधान के लिए नर्मदा परियोजना को आगे बढ़ाने तथा स्थायी समाधान की दिशा में सकारात्मक प्रयास किए जाएंगे। उन्होने कहा कि आमजन को पर्याप्त पेयजल उपलब्ध करवाना केंद्र सरकार की प्राथमिकता है तथा इस संबंध में तकनीकी एवं प्रशासनिक स्तर पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
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