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Deer hunting: Protest continues for second day, villagers insist on demand for removal of ranger

हिरण शिकार: दूसरे दिन भी धरना जारी रेंजर को हटाने की मांग पर अड़े ग्रामीण

हिरणों के शव रखकर 36 घंटे से धरने पर ग्रामीण:रेंजर को सस्पेंड करने की मांग; बोले- एक थार भी घूम रही थी, उसे जब्त करें

बालोतरा. समीपवर्ती पाबूपुरा गांव की सरहद में शनिवार रात हुए हिरण शिकार के मामले में ग्रामीणों व वन्यजीव प्रेमियों का धरना सोमवार को दूसरे दिन भी जारी रहा। धरनार्थी सिवाना रेंजर को हटाने, मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार करने, शिकार में प्रयुक्त वाहन व हथियार जब्त करने तथा शिकार किए गए चिंकारा के अवशेष बरामद करने की मांग पर अड़े रहे। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक मामले में ठोस कार्रवाई नहीं होती, धरना जारी रहेगा।

ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि शिकार की सूचना मिलने के बाद वन विभाग की कार्रवाई में देरी हुई। इसके बाद मौके पर पहुंचे सिवाना रेंजर उमरावसिंह मृत हिरणों के शव कार में रखकर ले जाने लगे। ग्रामीणों व वन्यजीव प्रेमियों ने इसका विरोध किया। आरोप है कि बिना ग्रामीणों को सूचना दिए शव ले जाने का प्रयास किया गया।

 

विरोध के बाद मृत चिंकारों के शव मौके पर ही रखवाए गए। धरनार्थियों ने रेंजर पर मामले में लापरवाही बरतने, साक्ष्य नष्ट करने का प्रयास करने व शिकारियों से मिलीभगत के आरोप लगाए हैं। इस दिन डीएफओ सविता दहिया बाड़मेर से धरनास्थल पर पहुंची। उन्होंने मामले में उचित कार्रवाई व आरोपियों की गिरफ्तारी का आश्वासन दिया।

समदड़ी पंचायत के सिलोर गांव में गत दिनों हुई हिरण शिकार की घटना को पूर्व मंत्री सुनील परिहार ने निंदनीय और हृदयविदारक बताया। उन्होंने घटना की कड़ी निंदा की। इसमें शामिल सभी आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की। कठोर कार्रवाई की मांग की। परिहार ने कहा कि वन्यजीवों के साथ ऐसी क्रूरता किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है। प्रकृति की रक्षा समाज के हर व्यक्ति की जिम्मेदारी है।

 

वन्यजीव संरक्षण के लिए बने कानूनों का सख्ती से पालन होना चाहिए। ऐसी घटनाओं पर प्रभावी रोक लगे। शनिवार रात पाबूपुरा गांव की सरहद में पिकअप व थार गाड़ी में सवार होकर कुछ लोग पहुंचे थे। ग्रामीणों ने दोनों वाहनों को गांव में संदिग्ध रूप से घूमते देखा। इसके बाद ग्रामीणों ने उनका पीछा शुरू किया व वन्यजीव प्रेमियों को भी सूचना दी।

ग्रामीणों के अनुसार शिकारियों ने 8 से 10 चिंकारा का शिकार किया था। ग्रामीणों को पीछा करते देख पिकअप में सवार लोगों ने दो मृत हिरणों को सड़क किनारे फेंक दिया व पिकअप लेकर भागने लगे। ग्रामीणों ने बाइक से करीब तीन किलोमीटर तक पिकअप का पीछा किया। पिकअप को रुकवाने के बाद उसमें सवार लोग फरार हुए।

ग्रामीणों का आरोप है कि सूचना देने के करीब पांच घंटे बाद रेंजर उमराव सिंह मौके पर पहुंचे। रेंजर ने मृत हिरणों के शवों को कार में रखकर ले जाने का प्रयास किया। इस पर मौके पर मौजूद ग्रामीण व वन्यजीव प्रेमी आक्रोशित हो गए। उन्होंने शवों को ले जाने का विरोध किया। इसी दौरान रेंजर की भूमिका को लेकर भी सवाल उठाए गए। वन्यजीव प्रेमी बुधाराम विश्नोई ने बताया कि वन विभाग की टीम ने घटनास्थल से सैंपल लिए हैं। उन्होंने कहा कि मामले में उनकी मुख्य मांग रेंजर को हटाने की है।

ग्रामीणों ने आरोपियों पर कार्रवाई नहीं होने तक मृत हिरणों का पोस्टमार्टम करवाने से भी इंकार कर दिया। धरनार्थियों ने कहा कि रेंजर को हटाने, आरोपियों की गिरफ्तारी, वाहन व हथियार जब्ती तथा मृत चिंकारों के अवशेष बरामद होने के बाद धरना उठेगा।

हमारी टीमों ने दो आरोपियों को डिटेन कर लिया है। वन्यजीव प्रेमियों से मृत हिरणों के पोस्टमार्टम करवाने के लिए समझाइश कर रहे है। जब तक पोस्टमार्टम की कार्रवाई नहीं होती है तब आगे कार्रवाई में अड़चन आएगी।

– सविता दहिया, डीएफओ, वन विभाग बाड़मेर

 

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